कौन सी बात आजकल के छात्रों के दिमाग में घर कर जाए, इसकी भनक अभिभावकों को भी नहीं लगती। ऐसा की वाकया पंजाब के जालंधर के शहीद बाबू लाभ सिंह नगर में हुआ। यहां 21 साल के शुभम ने सल्फास निगलकर जान दे दी। मां अनीता ने बताया कि शुभम अवसाद में जरूर था लेकिन यह नहीं सोचा था कि इंसाफ न मिला तो बेटा आत्महत्या कर लेगा।
छात्र ने की आत्महत्या: जान जाने से पहले मां की गोद में कही रुला देने वाली बात, माफी भी मांगी
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मां की गोद में रोते हुए ये बोला शुभम
परिवार का नाम डुबो दिया, अब छोटा भाई मेरी वजह से बलि का बकरा न बने, इसलिए ऐसा कदम उठाया, उसे बचा लेना मां। क्योंकि जालंधर के नामी इंजीनियरिंग कॉलेज डेवियट के तत्कालीन प्रिंसिपल के बयान पर शुभम के खिलाफ 307 का मामला 24 दिसंबर 2021 को जालंधर के थाना डिवीजन नंबर एक में दर्ज किया गया था। इसमें लिखा था कि शुभम ने दो छात्रों को ग्राउंड में बुलाकर मारपीट की, जबकि परिजनों ने कहा था कि उसके बेटे को अधमरा कर छोड़ दिया था और उसी पर एफआईआर हुई थी, क्योंकि लड़ाई-झगड़ा करने वाले यूपी-बिहार के छात्र थे, जिनकी कॉलेज में संख्या अधिक है।
पूरे प्रकरण के बाद कॉलेज प्रबंधन ने शुभम को निकाल दिया। शुभम की मां अनीता ने कहा कि इस बात से बेटा बहुत आहत था और धीरे-धीरे अवसाद में चला गया। हम उसका इलाज करवाते और अलग-अलग पुलिस अधिकारियों से मिलते लेकिन हमें वहां से भगा दिया जाता था। वह अपने पति जतिंदर मल्होत्रा, वार्ड पार्षद और रिश्तेदारों के साथ तत्कालीन कॉलेज प्रिंसिपल मनोज कुमार से 3-4 बार मिलीं लेकिन हर बार बेइज्जत कर उन्हें वहां से निकाल दिया गया।
कॉलेज प्रबंधन के दबाव में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की और उनके बेटे को झूठे केस में फंसा दिया ताकि बेटे का कॅरिअर बर्बाद हो सके, क्योंकि तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार शर्मा, जो अब डीएवी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं, वह यूपी-बिहार के छात्रों का समर्थन करते हैं। जिसके चक्कर में उन्होंने बेटे की जिंदगी बर्बाद कर दी।
जब पहले ही दिन पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की तो उनके छोटे बेटे का नाम भी केस में जोड़ दिया गया, जिससे शुभम पूरी तरह टूट गया। उन्हें बेटे की चिंता सताने लगी, क्योंकि बेटा शुभम लंबे समय से अवसाद में था लेकिन आत्महत्या कर लेगा ये कभी नहीं सोचा था। बेटे ने आत्महत्या नहीं की, तत्कालीन कॉलेज प्रिंसिपल की छोटी सोच का बलि चढ़ गया, जिस पर कार्रवाई हुए बिना वह अब पीछे नहीं हटेंगे, अभी तो सड़क जाम की है, आगे कॉलेज और पुलिस अधिकारियों का घेराव करेंगे, जो कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद सुध तक नहीं लेते।