'राफेल' को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ता और पदाधिकारी सड़क पर उतरे तो पुलिस ने उन्हें खूब दौड़ाया, कोई इधर गिर तो कोई उधर गिरा। वाटर कैनन का प्रयोग भी किया गया, देखिए।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
चंडीगढ़ में कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतरकर राफेल डील मामले को लेकर मोदी सरकार को घेरा और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता अपने हाथों में राफेल जहाज का कटआउट लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। जैसे ही प्रदर्शनकारी सेक्टर-27 और 29 के लाइट प्वाइंट पर एकत्र होकर गवर्नर हाउस की ओर नारे लगाते हुए बढ़ने लगे कि पुलिस ने सभी को बैरिकेड लगाकर रोक दिया।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
पर कांग्रेसी नहीं माने तो पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें करनी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा सहित कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को चोटें भी आईं। थोड़ी देर इधर-उधर होने के बाद कांग्रेसी दोबार बैरिकेड पर चढ़ने लगे तो पुलिस ने फिर पानी का बौछारों से उन्हें खदेड़ दिया। बैरिकेड को पार करने की कांग्रेसियों ने खूब कोशिश की, लेकिन पानी की बौछारों ने उन्हें बेबस कर दिया। प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने की।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
उन्होंने कहा कि मामले में प्रधानमंत्री चुप्पी साधे हुए हैं। बीजेपी कांग्रेस के सवालों का कोई जवाब नहीं दे पा रही है। बंसल ने कहा कि भाजपा के मंत्री और प्रवक्ता झूठ पर झूठ बोलकर देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। इस घोटाले में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के हाथ होने की आशंका दिखाई दे रही है। अगर कांग्रेस के आरोप झूठे हैं तो मोदी सरकार ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (जेपीसी) की मांग को क्यों नही मान रही है। जांच में सब सामने आ जाएगा।
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कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि देश की जिस कंपनी एचएएल को 70 साल का जहाज बनाने का अनुभव हो, उससे कांग्रेस के कार्यकाल में हुई डील को रद्द कर अपने चहेते व्यवसायी की कंपनी को डील देकर चुनावी खर्च का कर्ज चुकाया है। जिस कंपनी को न कोई तजुर्बा है उसे डील दे दी गई। और तो और डील होने से चंद दिनों पहले जिसने कंपनी बनाई हो, उसे देश की रक्षा से जुड़े कामों का कैसे समझौता किया जा सकता है। यह खुला भ्रष्टाचार है, जिसे कांग्रेस घर घर तक पहुंचाएगी।