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साक्षी मलिक को इस शख्स ने बनाया ओलंपिक मेडलिस्ट, कुछ यूं सिखाई पहलवानी

Sun, 14 May 2017 09:19 AM IST
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल Updated Sun, 14 May 2017 09:19 AM IST
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coach ishwar singh dahiya makes sakshi malik olympian wrestler
साक्षी मलिक के कोच ईश्वर सिंह दहिया - फोटो : अमर उजाला
साक्षी मलिक ने जिस मेहनत और लग्न से दुनिया में नाम कमाया है, वह एक शख्स की देन है। इन्होंने ही साक्षी मलिक को ओलंपिक मेडलिस्ट बनाया।
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साक्षी मलिक के कोच ईश्वर सिंह दहिया - फोटो : अमर उजाला
बात हो रही है ओलंपियन पहलवान साक्षी मलिक के कोच ईश्वर सिंह दहिया की। उनके जीवन में कुश्ती बचपन में ही शामिल हो गई और पूरा जीवन कुश्ती को समर्पित कर दिया। वह खुद तो पहलवान बने ही, देश को ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक समेत कई पहलवान और कोच दिए।
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ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक - फोटो : अमर उजाला
उनकी इस राह में मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके सामने सबसे बड़ी समस्या तब आई, जब उन्होंने बेटियों को कुश्ती में आगे लाने का बीड़ा उठाया। तब लोगों के ताने सुनने को मिले, लेकिन उन्होंने बेटियों को कुश्ती के गुर सिखाने नहीं छोड़े और लोगों को समझाकर उनका नजरिया बदला। उनकी मेहनत रंग लाई और रोहतक में महिला पहलवानों की फौज तैयार हो गई।
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ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक - फोटो : अमर उजाला
मूल रूप से सोनीपत जिले के सिसाना गांव के रहने वाले दहिया साल 1976-1980 तक आल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेसलिंग चैंपियन रहे हैं। जूनियर नेशनल में गोल्ड तो सीनियर नेशनल में कांस्य जीतने वाले ईश्वर दहिया को एचएयू में बतौर प्रोफेसर की नौकरी मिल गई, लेकिन उन्होंने कुश्ती कोच की राह चुनी। वह विदेश में जाकर मेडल जीतने के सपने को शिष्यों के सहारे पूरा करना चाहते थे।
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sakshi malik - फोटो : अमर उजाला
दहिया साल 1983 में खेल विभाग में कुश्ती कोच बने। साल 2003 में अखाड़े में पहली बार बेटियों को कुश्ती सिखाने की तैयारी की। इनमें ओलंपिक मेडलिस्ट साक्षी मलिक के साथ ही कामनवेल्थ में मेडल जीतने वाली सुमन कुंडू समेत कई बेटियां शामिल थी। उस समय ईश्वर सिंह दहिया को लोगों के ताने भी सुनने पड़े कि बेटियों को कुश्ती में उतारकर समाज के खिलाफ राह पकड़ी है। लेकिन ईश्वर सिंह ने उनको दांवपेंच सिखाने बंद नहीं किए, बल्कि लोगों की सोच बदलने के लिए उनको समझाया।
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