एक जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी बिल के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने बड़ा ऐलान किया है। इससे लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ेगी, देखिए।
सेवा एवं वस्तु कर (जीएसटी) के विरोध में हरियाणा के कपड़ा व्यापारियों ने तीन दिन तक बाजार बंद रखने का एलान किया है। विरोध में रिटेल और होलसेल दोनों व्यापारी शामिल होंगे। ऐसे में 27 से 29 जून तक प्रदेश के ज्यादातर कपड़ा बाजार सुनसान रहेंगे। वहीं, 30 जून को व्यापार मंडल ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है।
विरोध को सफल बनाने के लिए नारनौल में कपड़ा व्यापारियों की एसोसिएशन के सदस्यों ने सोमवार को जनसंपर्क भी किया। हालांकि कपड़ा व्यापारियों का अभी तक किसी अन्य व्यापारी संगठन ने समर्थन नहीं दिया है। वहीं, रोहतक के कपड़ा व्यापारियों ने भी तीन दिन के बंद का समर्थन किया है।
सिरसा में दि रिटेल क्लॉथ एसोसिएशन के बैनर तले साड़ी एसोसिएशन व हैंडलूम एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें 27 से 29 जून तक कपड़ा बाजार बंद रखने का फैसला किया गया। एसोसिएशन के प्रधान केदार पाहवा ने कहा कि जीएसटी से कपड़ा क्षेत्र में भारी गिरावट आएगी और बेरोजगारी फैलेगी। इसलिए इस कानून को वापस लिया जाए।
जींद में अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव और हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि सरकार जीएसटी लागू करके आर्थिक आजादी दिलाने की बात कर रही है। इसका मतलब यह हुआ कि इससे पहले व्यापारी गुलाम था। उन्होंने कहा कि जीएसटी में भारी खामियां हैं। इससे इंस्पेक्टरी राज बढ़ेगा और व्यापारियों पर भारी कर लगेगा। इसकी सीधी मार खरीदार पर पड़ेगी, जिससे व्यापार प्रभावित होगा।