हाई प्रोफाइल चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस में जहां पीड़िता पहले दिन से ही खुलकर बोली रही है, वहीं आरोपी विकास बराला 8 दिन बाद पहली बार बोला। जानिए क्या कहा उसने।
विकास बराला के वकील सूर्य प्रकाश गर्ग ने इस बात का खुलासा किया कि कोर्ट में कुछ मिनट उसने विकास और अशीष से बात की। वकील ने बताया कि उनका कहना है, ‘हम बेकसूर हैं और हमें केस में बलि का बकरा बनाया गया है।’ हमने कुछ नहीं किया है। हमने किसी कार का पीछा नहीं किया। हमें केस में झूठा फंसाया गया है। पुलिस ने भी उन्हें बलि का बकरा बनाया है।
वहीं एडवोकेट के अनुसार विकास के परिवार का कहना है कि पुलिस केस में निष्पक्ष जांच करे और सच सबके सामने आए। वह कानूनी प्रक्रिया का पूरा पालन करेंगे। वहीं उन्होंने दोनों की जमानत याचिका को लेकर कहा कि अभी उनके परिवार की ओर से इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। उधर पुलिस का कहना है कि विकास लॉ का स्टूडेंट है, इसलिए वह हमें गुमराह कर रहा है।
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चंडीगढ़ छेड़छाड़ केस, विकास बराला
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस रिमांड में विकास बराला और आशीष कुमार ने कई बातें कबूल की हैं। विकास बराला ने बताया कि वर्णिका को किडनैप करने जैसा उनका कोई मकसद नहीं था। साथ ही विकास और आशीष ने बताया कि वह सिर्फ लड़की की शक्ल देखना चाह रहे थे कि वह लड़की जान-पहचान की तो नहीं। इसलिए उनकी कार वर्णिका की कार के पीछे थी।
फिर विकास और आशीष ने बताया कि वो वर्णिका का पीछा नहीं कर रहे थे, बल्कि उस रूट पर उन्हें भी जाना था और वो इसी वजह से उस रास्ते से गुजर रहे थे, लेकिन वर्णिका को लगा कि वो अपनी सफारी कार से उसका पीछा कर रहे हैं। फिर उन्होंने कहा कि वर्णिका ने सेक्टर-7 में हमारी कार में टक्कर मार दी थी और उसने कार दौड़ा ली। यह देखकर हम भी उसके पीछे हो लिए।