विकास बराला और उसके दोस्त आशीष की एक करतूत ने इस शख्स को बड़ी सजा दे दी, वो भी जिंदगी भर के लिए। आप जानेंगे तो कहेंगे कि शर्म आनी चाहिए दोनों को।
बात हो रही है विकास बराला के पिता सुभाष बराला की, जिनसे हरियाणा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी छीन सकती है। हरियाणा में तीन साल पूरा करने जा रही पूर्ण बहुमत की पहली भाजपा सरकार के लिए प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे की एक हरकत ने आगे की राह कठिन कर दी है। प्रदेश सरकार के अब तक के कार्यकाल से कार्यकर्ता अधिक खुश नहीं हैं। काम न होने की शिकायतें पहले ही पार्टी हाईकमान के समक्ष पहुंच चुकी हैं।
पार्टी के सौ से अधिक विस्तारकों ने भी बीते विधानसभा चुनाव के मुकाबले जीती हुई सीटों पर जनाधार खिसकने की रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को हाल के तीन दिवसीय प्रवास में दी है। इसे देखते हुए पार्टी ने जैसे ही सरकार को दोबारा सत्ता में लाने का खाका खींचा था और आने वाले दिनों में उस पर अमल होना था, प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला ने चंडीगढ़ में वरिष्ठ आईएएस वीएस कुंडू की बेटी से छेड़छाड़ कर सारी रणनीति पर ही पानी फेर दिया।
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Haryana CM on Vikas Barala Case
बराला के साथ ही भाजपा के सामने अब चुनौतियां अपार हैं, चूंकि मामले के राष्ट्रीय स्तर पर छाने, बराला परिवार के खिलाफ पुराने मामलों के उठने और सियासी बवाल के बाद हरियाणा में गलत संदेश गया है। खासकर, बेटियों की सुरक्षा के सरकार के दावे और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान पर भी सवाल खड़े हुए हैं। मंत्रियों, विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए बराला के मामले पर लोगों को संतुष्ट करना आसान नहीं है।
बराला टोहाना से पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचे थे, उनके सामने सबसे बड़ा चैलेंज अपनी सीट को आगामी चुनाव में बचाना है। चूंकि, टोहाना सीट पर इससे पहले भाजपा कभी जीत नहीं पाई, यहां तक कि गठन के बाद 2009 तक हुए चुनाव में पार्टी दूसरे स्थान पर भी नहीं रही। इसलिए बराला को बेटे की हरकत से हुई किरकिरी के बाद जहां नए सिरे से टोहाना में चुनावी बिसात बिछानी होगी।