बर्निंग बस: जिंदा जलने से बचीं 55 सवारियां, देखिए कैसे?
अंबाला-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रक से टक्कर के बाद जब श्रद्धालुओं से भरी बस में आग लगी, उसमें 50 से अधिक सवारियां थीं। देखिए, इतनी भयानक आग में कैसे बचीं 55 जानें।
बर्निंग बस: जिंदा जलने से बचीं 55 सवारियां, देखिए कैसे?
निजी बस में सवार 55 के करीब श्रद्धालु दो गांवों के रहने वाले हैं। सभी फतेहाबाद जिले में तहसील भूना के गांव नाढ़ोड़ी और धोलू के रहने वाले थे। सभी नाढ़ोड़ी से मुकाम जा रहे थे। जिस जगह हादसा हुआ, उससे करीब सौ फुट दूरी पर एक पेट्रोल पंप था, जबकि दो सौ गज दूरी पर एक गौशाला थी। गनीमत रही कि वाहनों में ज्वलनशील पदार्थ नहीं था।
बर्निंग बस: जिंदा जलने से बचीं 55 सवारियां, देखिए कैसे?
टक्कर इतनी भयंकर थी कि तुरंत दोनों वाहनों में आग लग गई। टक्कर के बाद बस से निकलते समय बस में भाग-दौड़ की स्थिति पैदा गई। किसी तरह लोगों ने बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालकों सहित करीब 55 श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जबकि 5 लोगों को गंभीर अवस्था में हिसार रेफर कर दिया गया।
बर्निंग बस: जिंदा जलने से बचीं 55 सवारियां, देखिए कैसे?
भूना के गांव नाढ़ोडी से निजी बस में सवार होकर श्रद्धालु राजस्थान के मुकाम धाम में गुरु जंभेश्वर जी महाराज के दर्शन करने के लिए रवाना हुए थे। सिवानी से निकलते ही गैंडावास गांव के समीप बनी गौशाला के पास तेज गति में आ रहे एक ट्रक से बस से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और दोनों ही वाहनों में आग लग गई, जबकि कई लोग घायल हो गए।
बर्निंग बस: जिंदा जलने से बचीं 55 सवारियां, देखिए कैसे?
भिड़ंत इतनी तेज थी कि बस और ट्रक के चालक बुरी तरह फंस गए। दोनों को गौशाला और भट्ठा पर काम करने वाले लोगों ने बाहर निकाला। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें हिसार रेफर कर दिया गया। हादसे की कुछ मिनटों बाद ही वाहनों में लगी आग ने उग्र रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते दोनों वाहन धू-धू कर जलने लगे।