देश में मोबाइल नेटवर्क भले ही कहीं- कहीं कम हो, लेकिन सरहद पार से मोबाइल कंपनियों का सिग्नल भारत तक आ रहा है।
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mobile tower on wheels in dehradun
- फोटो : amar ujala
पाकिस्तानी मोबाइल कंपनियों का सिग्नल भारतीय क्षेत्र तक पहुंचना सीमा सुरक्षा बल के लिए सिरदर्द बना हुआ है। बीएसएफ के कुछ अधिकारियों का मानना है कि पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर पाक मोबाइल कंपनियों ने अपनी रेंज बढ़ा रखी है ताकि भारतीय क्षेत्र में बैठे अपने एजेंटों से बातचीत कर सके।
इसी का फायदा पाक और भारतीय तस्कर उठा रहे हैं, हेरोइन और असलहा मंगवाने के लिए भारतीय तस्कर पाक मोबाइल कंपनी जॉन के सिम कार्ड के से आपस में बातचीत करते हैं।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक पंजाब से सटी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे गांवों के ज्यादातर ग्रामीणों के पास पाकिस्तानी मोबाइल कंपनी के सिम कार्ड हैं। कई किसानों ने फेंसिंग पार जमीन खेती करने के लिए नहीं बल्कि तस्करी के लिए ली है।
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BSF के जवानों की जवाबी कार्रवाई
- फोटो : File Photo
कुछ दिन पहले पंजाब पुलिस ने 21 साल के तस्कर सोनू को गिरफ्तार कर उसके पास से हेरोइन, 45 लाख की नगदी, पिस्टल व पाक सिम कार्ड बरामद किया था। यही नहीं बीएसएफ ने फेंसिंग पार खेत में दबी हेरोइन, पिस्टल के साथ पाक सिम कार्ड भी पकड़े हैं। पाक तस्कर भारतीय क्षेत्र के खेतों में हेरोइन छिपाकर भारतीय तस्करों को मोबाइल फोन के जरिए सूचित करते हैं, ताकि फेंसिंग पार खेती के बहाने जाकर कई किसान वहां से हेरोइन व अन्य सामान ला सकें।