एक बार तो मुश्किल लगा, लेकिन बहादुर बेटी ने हार नहीं मानी और 25 साल की उम्र में एचसीएस टॉप कर लिया। अब खुद बता रही है कि कैसे रचा इतिहास, जाजिए सक्सेस फॉर्मूला।
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श्वेता शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के रोपड़ जिले की रहने वाली श्वेता शर्मा ने हरियाणा सिविल सर्विस ज्यूडिशियल में पहला रैंक हासिल किया है। श्वेता ने पहले ही प्रयास में हरियाणा समेत चार राज्यों में हुई परीक्षा को पास करके इतिहास रचा है। श्वेता शर्मा की इस कामयाबी के बाद घर में खुशी का माहौल है और उनके परिजन मिठाईयां बांट रहे हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई करने वाली श्वेता ने कहा कि उसकी इस कामयाबी से सारा परिवार खुश है।
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श्वेता शर्मा
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श्वेता ने बताया कि उसने सारा सारा दिन पढ़ाई करने के बाद इम्तिहान दिए थे। क्योंकि जब तक आप लगन से नोट्स बनाकर तैयारी नहीं करोगे, तब तक टॉपिक क्लीयर नहीं होंगे। उनकी इस कामयाबी में परिवार का बड़ा सहयोग रहा है। श्वेता ने बताया कि वह लगातार पढ़ाई करती थीं और बीच में ब्रेक लेकर सोशल मीडिया पर एक्टिव भी रहती थीं। श्वेता ने आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ की परीक्षा में भी टॉप किया था।
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श्वेता शर्मा
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श्वेता ने कहा कि अगर अच्छी तरह वकालत आती हो तो पहली बार में ही इम्तिहान पास करना मुश्किल नहीं है। उनके परिवार में पहले किसी ने भी वकालत नहीं की। उन्होंने अपनी बहन के साथ वकालत की पढ़ाई शुरू की थी। पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ करने के बाद उनका मन बना कि अब इस क्षेत्र में आगे कुछ करना है। हरियाणा में मार्च 2019 में सिविल सर्विस ज्यूडिशियल के एग्जाम हो गए थे। अप्रैल में नतीजे भी आ गए थे।
लेकिन 107 सीटों में से केवल नौ आवेदक सिलेक्ट होने के कारण मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। उन नौ बच्चों में श्वेता भी शामिल थी। सेवामुक्त जज जस्टिस एके सिकरी को केस की जांच सौंपी गई थी, जिसके बाद आवेदकों को 30-30 ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। इसके बाद 27 आवेदक सिलेक्ट हो गए। लेकिन इसके लिए उन्हें नौ महीने का इंतजार करना पड़ा, जिसका नतीजा आज सभी के सामने है।