नोटबंदी ने लोगों के क्या हाल बना दिए, इसका अंदाजा आप शादी के इस कार्ड को देखकर लगा सकते हैं, जिसे देख आप हंस-हंस कर पागल हो जाएंगे।
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बैंक के बाहर लगी भारी भीड़
कृपया! पुरानी करंसी शगुन में ना दें, आपकी उपस्थिति ही हमारे लिए शगुन होगी। कुछ इसी तरह की पंक्तियां विवाह के लिए छपवाए गए कार्ड पर लिखी मिली तो सब हैरान रह गए। ये पंक्तियां एक परिवार ने बेटी की शादी के कार्ड पर शगुन के रूप में मिलने वाले पुरानी करंसी के नोटों की ट्रांजैक्शन की परेशानी के मद्देनजर लिखवाई हैं।
किसी का दिल ना टूटे इसके लिए मेहमानों से कम से कम शगुन देने का आग्रह किया है, ताकि नोट बदलने में दिक्कत ना आ जाए। यमुनानगर निवासी ज्योति प्रसाद सहदेव ने अपनी बेटी की शादी में केंद्र सरकार के फैसले की तारीफ करते हुए कार्ड में इस तरह की पंक्तियां लिखवाकर एक नई शुरूआत की है, जिन्होंने विवाह समारोह में शगुन लेने के लिए स्वैप मशीन लगाने का इंतजाम भी कर लिया है।
सहदेव की बेटी पूर्णिमा स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में और होने वाले दामाद आशीष ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में जॉब करते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद होने की घोषणा के बाद बैंक लिमिट के तहत अतिथि को पुरानी करंसी नहीं देने के लिए कार्ड में ही आग्रह करने का तरीका अपनाया।
दुल्हन के चाचा मोहन सोनी गंगानगर में सेफ ड्राइव, सेव लाइफ नामक एन.जी.ओ. के संचालक हैं, उन्होंने बताया कि उनकी भतीजी की शादी में करीब 500 अतिथियों को शादी का निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने 150 कार्ड बंटवा दिए थे, लेकिन केंद्र सरकार के ऐलान के बाद 300 कार्ड दोबारा से प्रिंट करवाकर उस पर विशेष आग्रह प्रिंट करवाया गया है। जो कार्ड बांटे जा चुके हैं उन्हें भी फोन कर उक्त संदेश दिया जा रहा है।