ठग अब रोजाना ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। मदद के बहाने ये शातिर लाखों रुपये सेकेंडों में उड़ा देते हैं। अब ठगों ने एक और तरीका खोज निकाला है। जिससे हम सबको सावधान रहने की जरूरत है। आप एटीएम के अंदर होंगे और दिल्ली में बैठा एक शख्स आपकी कमाई पर डाका डाल सकता है। आइए एक नजर डालते हैं इस सावधान करने वाली खबर पर...
सावधान! एटीएम के अंदर होंगे आप और बाहर खड़ा शख्स उड़ा देगा पैसा, जरूर पढ़ें खबर
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दरअसल, हरियाणा के जींद में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य जींद-भिवानी रोड स्थित बूढा बाबा बस्ती निवासी सागर व संदीप को अदालत ने जेल भेज दिया है। वहीं पुलिस को दिल्ली निवासी मुख्य आरोपी रवि की तलाश है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह लोग दिल्ली से पांच हजार रुपये में एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करवाते थे। हालांकि इनकी पहली ही वारदात के बाद इन्हें धर लिया गया है। मुख्य आरोपी के गिरफ्त में आने के बाद इस प्रकार की अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है।
जांच अधिकारी एचसी रोहताश शर्मा ने बताया कि पांच अगस्त को हाट गांव निवासी ओम प्रकाश ने पुलिस को शिकायत दी थी कि दो युवकों ने उसके साथ ठगी कर एटीएम से चार लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए हैं। पुलिस ने ओम प्रकाश की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रुपये निकालने वाले दोनों युवकों सागर और संदीप को गिरफ्तार कर एक लाख 65 हजार रुपये बरामद कर लिए थे। पुलिस रिमांड में आरोपियों ने कहा कि बाकी के रुपये उन्होंने खर्च कर दिए हैं।
ऐसे चलता था नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनका संपर्क दिल्ली निवासी रवि से है। इसके लिए दो से तीन लोगों की टीम काम करती थी और खास उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस के अनुसार इनमें से एक व्यक्ति एटीएम कार्ड इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के पास खड़ा हो जाता है और चुपके से उसके एटीएम पिन का पता लगा लेता है। यह पिन एटीएम केबिन के बाहर खड़े दूसरे व्यक्ति को बता दिया जाता है।
उक्त व्यक्ति एक दूसरा कार्ड पीओएस मशीन में लगाए रहता है और पिन नंबर दिल्ली में बैठे हैंडलर को बता देता है। जितनी देर एटीएम कार्ड मशीन में रहता है, उतनी देर में ही उस कार्ड की सारी जानकारी दिल्ली निवासी रवि जुटा लेता है। इसके साथ ही पीओएस मशीन में लगे फर्जी कार्ड में ही असली एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लिया जाता है। साथ ही दिल्ली निवासी रवि यह भी बता देता है कि बैंक खाते में कितनी राशि है। इसी का सहारा लेते हुए इन दोनों शातिरों ने हाट निवासी ओमप्रकाश को निशाना बनाया। अब आप कभी भी एटीएम में जाएं तो आस-पास किसी को भी खड़ा होने न दें, नहीं तो आप भी ठगी का शिकार हो सकते हैं।