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टीम ले जाने को कर दिया गया था मना, घोड़े ठिठके और नहीं मिला गोल्ड मेडल...फिर भी रचा इतिहास

Mon, 27 Aug 2018 04:29 PM IST
हरीश पौड़िया, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
हरीश पौड़िया, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Mon, 27 Aug 2018 04:29 PM IST
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Asian Games 2018 Silver Medal Winner Indian Army Major Ashish Malik Success Story
मेजर आशीष मलिक
फेडरेशन ने एशियन गेम्स 2018 में टीम को ले जाने से मना कर दिया था, फिर भी पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान घोड़े ठिठक गए और गोल्ड मेडल नहीं मिल पाया, फिर भी होनहार ने रच दिया इतिहास।
Asian Games 2018 Silver Medal Winner Indian Army Major Ashish Malik Success Story
मेजर आशीष मलिक
बात हो रही है भारतीय सेना में मेजर आशीष मलिक की, जिन्होंने जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स में घुड़सवारी मुकाबलों में रजत पदक दिलाया। स्पर्धा के दौरान दो खिलाड़ियों के घोड़े नहीं ठिठकते तो देश की झोली में स्वर्ण पदक होता। आशीष मलिक हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं। वर्ष 2009 में आशीष का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में चयन हुआ था। आशीष मलिक की जीत से रोहतक वासियों और उनके परिवार में खुशी की लहर है, लेकिन देश को स्वर्ण पदक नहीं मिल पाने का मलाल भी है।
Asian Games 2018 Silver Medal Winner Indian Army Major Ashish Malik Success Story
मेजर आशीष मलिक
देव कालोनी निवासी मेजर आशीष मलिक के पिता हंसराज मलिक ने अमर उजाला को बताया कि तीन दिन तक चले खेल के शुरुआती डेढ़ दिन तक भारतीय टीम पहले नंबर पर थी। इस समय तक लग रहा था कि स्वर्ण पदक पक्का है, लेकिन शनिवार दोपहर जंप से पहले भारतीय टीम के दो खिलाड़ियों के घोड़े अचानक ठिठक गए, जिसकी वजह से जापान की टीम आगे निकल गई और देश को स्वर्ण पदक से वंचित होना पड़ा। मेजर आशीष के घर पिता हंसराज मलिक और मां उर्मिला को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
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Asian Games 2018 Silver Medal Winner Indian Army Major Ashish Malik Success Story
मेजर आशीष मलिक
फेडरेशन ने टीम को ले जाने से कर दिया था मना
एशियाड में खेलने जाने भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं रहा। फेडरेशन ने टीम को भेजने से मना कर दिया था, लेकिन निजी प्रायोजकों के सहारे टीम एशियाड तक पहुंची। 29 वर्षीय मेजर आशीष खुद पिछले 7 महीने से निजी प्रायोजकों की ओर से फ्रांस में ट्रेनिंग पर थे। वे 12 अगस्त को ही दिल्ली में स्पोर्ट्स किट लेने के लिए पहुंचे।

 
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Asian Games 2018 Silver Medal Winner Indian Army Major Ashish Malik Success Story
मेजर आशीष मलिक
पहले ही अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में पदक, अब ओलंपिक की तैयारी
मेजर आशीष मलिक के पिता हंसराज मलिक ने बताया कि पिछले 13 सालों से घुड़सवारी कर रहे आशीष का यह पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। आशीष ने भारतीय सेना के लिए खेलते हुए 50 से ज्यादा पदक जीते हैं, लेकिन देश के लिए उन्होंने पहली बार पदक हासिल किया है। जकार्ता से लौटने पर फ्रांस में ओलंपिक खेलों की तैयारी करेंगे।
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