फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पिता ने घोड़ागाड़ी हांक-हांक कर पाला और बेटी रानी बनी 'ज्वाला'...थाईलैंड के खिलाफ दागे 3 गोल

Mon, 27 Aug 2018 03:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 27 Aug 2018 03:42 PM IST
विज्ञापन
Indian Women Hockey Team Captain Rani Rampal Goals in Asian Games 2018 India vs Thailand
रानी रामपाल
पिता ने घोड़ागाड़ी हांक-हांक कर पाला और बेटी ने टीम इंडिया की कैप्टन बनकर सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। अब उन्होंने एशियन गेम्स में थाइलैंड के खिलाफ 3 गोल दागे हैं, बहादुर बेटी को सलाम।
Indian Women Hockey Team Captain Rani Rampal Goals in Asian Games 2018 India vs Thailand
hockey player rani rampal - फोटो : amarujala
बात हो रही है, भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल की, जो हरियाणा के शाहबाद की रहने वाली हैं। इंडोनेशिया के जकार्ता-पालेमबांग में चल रहे 18वें एशियाई खेलों में सोमवार को भारतीय महिला हॉकी टीम ने पूल बी के मैच में थाईलैंड को 5-0 से करारी शिकस्त दी। भारत के लिए इस मैच में कप्तान रानी रामपाल ने गोल की हैट्रिक लगाई, जबकि मोनिका और नवजोत कौर ने एक-एक गोल किया। बता दें कि 18वें एशियाई खेलों में जीत के रथ पर सवार भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपना विजयी अभियान जारी रखा। शनिवार को महिला हॉकी के एक मुकाबले में कोरिया को 4-1 से हराते हुए भारतीय टीम ने पूल बी में टॉप किया था।
Indian Women Hockey Team Captain Rani Rampal Goals in Asian Games 2018 India vs Thailand
hockey player rani rampal - फोटो : amarujala
हरियाणा में अंबाला के एक छोटे गांव की बेटी रानी रामपाल की जिंदगी बचपन से ही दुश्वारियों से गुजरी। पिता ठेला चलाते थे और आज जब बेटी एक मुकाम पर पहुंच गई है, दुनिया में नाम रोशन कर रही है, पिता आज भी घोड़ागाड़ी ही हांकते हैं। वहीं रानी को इस बात की जरा भी हिचक नहीं है कि उसके पिता आज भी मजदूरी करते हैं, बल्कि उसे अपने पिता पर गर्व है और इसलिए अपने नाम के साथ पिता का भी नाम लगा रखा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Indian Women Hockey Team Captain Rani Rampal Goals in Asian Games 2018 India vs Thailand
rani rampal father - फोटो : amarujala
रानी रामपाल को अर्जुन व भीम अवार्ड से नवाजा जा चुका है। रानी रामपाल खुद बताती हैं कि घर में इतने पैसे भी नहीं थे कि वे मेरे लिए हॉकी भी खरीद सकें, लेकिन मेरे सपनों में उड़ान थी और उन्हीं सपनों और इच्छाओं को देखते हुए पिता ने मुझे गांव की एकेडमी में डाल दिया। भाई कारपेंटर था तो पिता और भाई दोनों के साथ की वजह से मेरी प्रैक्टिस किसी तरह चलती रही। एकेडमी को द्रोणाचार्य अवॉर्ड विजेता बलदेव सिंह चलाते थे।
विज्ञापन
Indian Women Hockey Team Captain Rani Rampal Goals in Asian Games 2018 India vs Thailand
rani rampal father - फोटो : amarujala
रानी कहती हैं कि मैं अपनी हर उपलब्धि के लिए कोच बलदेव सिंह की ऋणी हूं। मेरा परिवार जिस समय पैसे नहीं जुटा पाया था, मेरे कोच ने मेरे हाथ में हॉकी स्टिक थमा दी थी। मै उनकी शुक्रगुजार हूं। कोच बलदेव सिंह भी कहते हैं कि रानी को हमेशा जीत दिखती थी, उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि उसके सामने कौन सी टीम खेल रही है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed