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11 की उम्र में खेलने लगी, रोज खाती हैं 15 अंडे और जुनून ऐसा...एशियन गेम्स में बना दिया अनोखा रिकॉर्ड

Fri, 31 Aug 2018 05:45 PM IST
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा) Updated Fri, 31 Aug 2018 05:45 PM IST
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Asian Games 2018 Bronze Medal Winner Seema Punia Creats Unique Record
सीमा पूनिया - फोटो : फाइल फोटो
बहादुर बेटी के जज्बे को सलाम, 11 साल की उम्र से खेल रही है। हर रोज 15 अंडे खाती हैं और जुनून ऐसा कि एशियन गेम्स 2018 में वो रिकॉर्ड कायम कर दिया, जो आज तक कोई न कर पाया।
Asian Games 2018 Bronze Medal Winner Seema Punia Creats Unique Record
सीमा पूनिया
हम बात कर रहे हैं डिस्कस थ्रोअर 35 वर्षीय सीमा पूनिया की, जिन्होंने 62.26 मीटर डिस्कस थ्रो कर कांस्य पदक पर कब्जा किया। यह उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। सीमा ने पिछले एशियाड में इससे कम दूरी पर गोल्ड जीता था। बेशक सीमा पूनिया को डिस्कस थ्रो में भले ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन वह लगातार चार राष्ट्रमंडल खेलों, दो एशियाड और तीन ओलंपिक में खेलने वाली देश की पहली खिलाड़ी बन गईं। सीमा ने राष्ट्रमंडल खेलों में चार और एशियाड में दो पदक जीते हैं। हालांकि ओलंपिक में वह तमगा नहीं जीत पाई हैं। सीमा देश के लिए खेलने के साथ ही पुलिस की नौकरी और परिवार की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही हैं।
Asian Games 2018 Bronze Medal Winner Seema Punia Creats Unique Record
सीमा पूनिया
27 जुलाई1983 को हरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल शहर के गांव खेवड़ा में जन्मी 35 वर्षीय एथलीट पूनिया सीमा पूनिया डिस्कस थ्रो खिलाड़ी हैं। वह अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। सीमा ने राष्ट्रमंडल खेलों में 2006 में रजत, 2010 में कांस्य, 2014 में रजत और 2018 में रजत जीता है। 2014 इंचियोन एशियाड में स्वर्ण पदक जीता था। सीमा पूनिया की शादी यूपी के मेरठ में सकौती क्षेत्र के गांव टांडा निवासी अंकुश पूनिया से वर्ष 2010 में हुई थी। सीमा पूनिया स्पोर्ट्स कोटे से करनाल में इंस्पेक्टर हैं। वह पति अंकुश पूनिया के साथ मोदीपुरम की शिव कॉलोनी में रह रही हैं। उनके पति अंकुश पूनिया भी डिस्कस थ्रो के खिलाड़ी हैं।
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Asian Games 2018 Bronze Medal Winner Seema Punia Creats Unique Record
सीमा पूनिया - फोटो : फाइल फोटो
सीमा ने 11 साल की उम्र से एथलेटिक्स में प्रवेश कर लिया था। उन्होंने 17 साल की उम्र में विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन डोपिंग का दोषी पाये जाने के कारण उनका पदक छीन लिया गया था। सीमा ने स्यूडोफेडरिन ली थी, जिसे जुकाम के उपचार के लिए लिया जाता है। तब आईएएएफ के नियमों के अनुसार केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। इसके बाद उनका करियर उतार चढ़ाव भरा रहा, पर सीमा ने हिम्मत नहीं छोड़ीद्घ पिता विजयपाल आंतिल, मां प्रकाशवती सहित दोनों भाई अमित पाल एवं आनंदपाल सीमा की सफलता से बेहद खुश है।
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Asian Games 2018 Bronze Medal Winner Seema Punia Creats Unique Record
सीमा पूनिया
इस वजह से चूकी गोल्ड मेडल से
सीमा पूनिया अपने फिटनेस के दम पर गोल्ड मेडल के लिए प्रयास कर रही थी, लेकिन इस बार भी वह चूक गईं। यदि वह इस बार गोल्ड मेडल ले आती तो पूर्व में एशियन गेम्स की तरह इस बार भी गोल्ड मेडल उनके खाते में जाता। सीमा ने महिला वर्ग में डिस्कस थ्रो में अच्छा प्रदर्शन किया है। सिल्वर मेडल के लिए दो प्वाइंट और गोल्ड मेडल लाने के लिए तीन पाइंट से वह चूक गई। बता दें कि सीमा पूनिया भी अपनी डाइट का बेहद ध्यान रख रही हैं। एक दिन में वह 15 अंडे और डेढ़ किलो चिकन के अलावा सोयाबीन, दाल, फल और दूध का सेवन करती हैं।
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