फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सैनिकों को जिंदगीभर खूनदान, घर में बनाई मस्जिद, मंदिर को दान दी जमीन

Sat, 06 Aug 2016 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा) Updated Sat, 06 Aug 2016 09:28 AM IST
विज्ञापन
ajab gajab profile of gabrudeen, who creat masjid in house, donated land for temple
पानीपत के गबरुद्दीन - फोटो : फाइल फोटो
युद्ध में घायल सैनिकों के लिए खूनदान करते गबरुद्दीन की जिंदगी बीती। पूंजी जोड़ घर में मस्जिद बना दी और जमीन मंदिर के लिए दान दे दी। ऐसे हैं गबरूद्दीन।
ajab gajab profile of gabrudeen, who creat masjid in house, donated land for temple
पानीपत के गबरुद्दीन - फोटो : फाइल फोटो
1965 में पाकिस्तान के साथ लड़ाई के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के आह्वान पर गबरूद्दीन में रक्तदान करने का ऐसा जुनून जागा कि 72 साल की उम्र पार करते-करते 201 बार रक्तदान कर दिया। प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री से कई बार सम्मानित हो चुके गबरुद्दीन खुद गले के कैंसर से जूझ रहे हैं। उनके लिए कई लोगों ने मदद को हाथ बढ़ाया लेकिन स्वाभिमानी शख्स ने सिर्फ देना ही सीखा है।
ajab gajab profile of gabrudeen, who creat masjid in house, donated land for temple
पानीपत के गबरुद्दीन - फोटो : फाइल फोटो
किडनी दान करने के बाद देहदान का संकल्प लिया। उम्र के आखिरी पड़ाव में गले के कैंसर से जूझ रहे हैं फिर भी बस दूसरों से दुआ की आस ही रखते हैं। हर किसी की मदद को दरकिनार कर खुद कर्ज लेकर कैंसर का इलाज करवा रहे हैं। इलाज पर आठ लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, इसमें 6.80 लाख रुपये का कर्ज है। गबरुद्दीन का कहना है कि, अब तो जो मांगना है, अल्लाह से ही मांगूंगा। मेरे पास जो भी है वह इस दुनिया के लिए छोड़कर जाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ajab gajab profile of gabrudeen, who creat masjid in house, donated land for temple
पानीपत के गबरुद्दीन - फोटो : फाइल फोटो
गबरुद्दीन (75 वर्तमान आयु) मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के गांव बघरा मांडी के रहने वाले हैं। 25 साल की उम्र में कपड़ा बेचने का काम करते थे। सोनीपत अपनी उधारी लेने आए और यहीं के होकर रह गए। कपड़े बेचने का काम छोड़ उन्होंने भैंसा-बुग्गी ले ली और काम शुरू किया। कबीरपुर में मकान बना लिया और जयमून से शादी कर ली। परिवार में तीन लड़के और एक लड़की हैं।
विज्ञापन
ajab gajab profile of gabrudeen, who creat masjid in house, donated land for temple
पानीपत के गबरुद्दीन - फोटो : फाइल फोटो
गबरुद्दीन ने बताया कि जब कबीरपुर आया था तो लोगों ने पंचायत की जमीन को घेर रखा था। जिस जमीन पर उसका परिवार उपले रखता था, उसके पास माता का छोटा सा मंदिर था। उसने अपने हिस्से की पंचायती जमीन गुड़गांव वाली माता का भव्य मंदिर बनाने को दे दी। वहीं, कबीरपुर के आसपास कोई मस्जिद नहीं थी। इस कारण अपने घर को ही मस्जिद बना दिया। चार मंजिला घर की नीचे वाली दो मंजिलों पर हर रोज मुस्लिम समाज के लोग नमाज पढ़ते हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed