एक बार फिर एबीवीपी के छात्रों पर मारपीट का आरोप लगा है। मामला पीयू का है, जहां एबीवीपी और एसएफएस के स्टूडेंट्स के बीच जमकर लात-घूंसे चले। तस्वीरें
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रामजस कॉलेज के बाद पीयू में हिंसक झड़प
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) कैंपस में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और स्टूडेंट्स फॉर सोसाइटी (एसएफएस) के स्टूडेंट्स आपस में भिड़ गए। 25 फरवरी को पीयू स्टूडेंट्स सेंटर पर एसएफ एस नेताओं की ओर से सेना को रेपिस्ट कहे जाने के आरोपों को लेकर एबीवीपी और एसएफएस में यह विवाद हुआ है। एबीवीपी की समर्थक छात्राओं ने एसएफएस के छात्र नेताओं पर उन्हें पीटने का भी आरोप लगाया है। सेक्टर-11 थाने में एबीवीपी और एसएफएस के 8 स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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रामजस कॉलेज के बाद पीयू में हिंसक झड़प
इसलिए हुआ विवाद
गौरतलब है कि पीयू स्टूडेंट सेंटर पर 25 फरवरी को एसएफएस नेताओं ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए देश के सैनिकों को रेपिस्ट कहने पर विवाद हुआ था। सोमवार को एबीवीपी ने स्टूडेंट सेंटर पर इसी का विरोध किया। इसी बीच एबीवीपी और एसएफएस के छात्र नेता एक दूसरे के आमने सामने हो गए। दोनों संगठनों के नेता एक दूसरे को ललकारने लग गए।
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रामजस कॉलेज के बाद पीयू में हिंसक झड़प
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दोनों छात्र संगठनों के नेताओं ने एक दूसरे पर पहले भद्दे कमेंट किए और फिर आपस में भिड़ गए। करीब एक घंटे तक एबीवीपी और एसएफएस नेताओं के बीच जमकर तनातनी रही। स्टूडेंट सेंटर पर दो-तीन घंटे तक पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया और भारी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई।
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रामजस कॉलेज के बाद पीयू में हिंसक झड़प
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मामले में पीयू प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई। एबीवीपी और एसएफएस छात्र नेताओं के पीयू स्टूडेंट सेंटर पर पहुंचने की जानकारी सभी को थी, लेकिन पीयू प्रशासन ने पूरे मामले में कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। घटना के समय 3-4 पुलिस कर्मी और कुछ पीयू सिक्योरिटी गार्ड ही मौजूद थे। दोनों की मौजूदगी में जबरदस्त मारपीट हुई। एक छात्र की पगड़ी भी गिर गई और कुछ छात्राओं को भी चोट आई है।