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पीओके अटैकः बॉर्डर पर जंग का माहौल, देखिए कैसा है गांवों का हाल?

Mon, 03 Oct 2016 11:54 AM IST
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
अनिल कुमार/अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब) Updated Mon, 03 Oct 2016 11:54 AM IST
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after indian army surgical strike in pok, war conditions on border and villages without people
इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव - फोटो : अमर उजाला
पीओके में सर्जिकल अटैक के बाद बार्डर पर जंग का माहौल है। गांव में सन्नाटा छाया हुआ था और घरों पर ताले लटके थे। देखिए, तस्वीरें।
after indian army surgical strike in pok, war conditions on border and villages without people
इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव - फोटो : अमर उजाला
सीमांत गांव राजोके गट्टी (फिरोजपुर)। गांव में कुछेक पुरुष ताश खेलते नजर आए। घरों में ताले लटके हुए थे। कुछ लोग खेतों में कामकाज कर रहे थे। बीएसएफ व सेना के वाहनों की आवाजाही बहुत थी। गांव में जंग जैसा माहौल देखने को मिला।
after indian army surgical strike in pok, war conditions on border and villages without people
इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीण जसप्रीत सिंह व सोहन सिंह का कहना है कि कई बार उनके घर बर्बाद हुए हैं। जब भी सरहद पर दोनों देशों के बीच तनाव होता है सभी गांव खाली करवा लिए जाते हैं। निशान सिंह ने बताया कि वो अपने परिवार के सदस्यों को रिश्तेदार के घर छोड़ आया है। खेत में काम करने और पशुओं को चारा डालने के बाद शाम को शहर चला जाएगा। सुबह फिर से पशुओं की सेवा के लिए गांव आ जाता है।
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after indian army surgical strike in pok, war conditions on border and villages without people
इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव - फोटो : अमर उजाला
गांव टिंडी वाला में प्रत्येक घर के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। यहां भी कुछेक पुरुष ही नजर आए और उनका कहना है कि पशुओं को शहर में चारा कहां मिलेगा इसीलिए पशुओं की देखरेख के लिए वो यहां पर बैठे हुए हैं। गांव में एक परिवार ऐसा मिला जिसका कहना है कि मौत तो कहीं भी आ सकती है इसीलिए वो अपना घर छोड़कर कहीं नहीं गए।
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इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव - फोटो : अमर उजाला
गांव राजोके गट्टी के सरपंच मक्खन सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन ने गांव के लोगों के लिए कोई राहत कैंप नहीं लगाए। और न ही कोई सुविधा प्रदान की है। डीसी डीपीएस खरबंदा ने इतना कहा कि गांव के लोगों को गांव वजीदपुर स्थित जामनी साहिब गुरुद्वारे ले जाओ, लेकिन इतनी दूर लोग जाने को तैयार नहीं हैं। फिरोजपुर शहर में कोई राहत कैंप नहीं बनाया।
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