वाह! बेटियों: जहां कुश्ती बैन थी, तुमने सबको फैन बना दिया
हरियाणा के जिस गांव में कुश्ती का खेल लड़कियों के लिए अनकहे तौर पर वर्जित था। वहां बेटियों ने न सिर्फ पिता की हसरत पूरी की बल्कि शोहरत की बुलंदियां भी छू लीं। गीता व बबीता ने साबित किया कि नाम के साथ बेटा लगा हो या बेटी, कोई फर्क नहीं पड़ता। दरअसल, आमिर उसी दंगल में उतरना चाहते हैं, जहां से गीता-बबीता ने कुश्ती की एबीसीडी सीखी।
वाह! बेटियों: जहां कुश्ती बैन थी, तुमने सबको फैन बना दिया
बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान की 'पीके' के बाद आने वाली नई फिल्म 'दंगल' की कहानी भी लीक हो गई है। यकीं न तो यहां देखें। रिपोर्टः धमेंद्र यादव, भिवानी
वाह! बेटियों: जहां कुश्ती बैन थी, तुमने सबको फैन बना दिया
आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ गीता-बबीता और महावीर पहलवान की संघर्ष कथा पर आधारित है। इस फिल्म में आमिर खान महावीर पहलवान का किरदार निभाएंगे। भिवानी जिले के बलाली गांव के नामी पहलवान महावीर की बेटियां एक बार अखाड़े में विजयी होकर उभरीं तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। इन बेटियों और पिता की सक्सेस स्टोरी पर बन रही है 'दंगल'।
वाह! बेटियों: जहां कुश्ती बैन थी, तुमने सबको फैन बना दिया
करीब 15 साल पहले कुश्ती के जुनून से सराबोर महावीर ने अपनी बेटियों में अपने इस जुनून को भरना चाहा तो उन्हें हर ओर विरोध का सामना करना पड़ा। लेकिन उनकी जिद और बेटियों के हौसले ने गांव व इलाके का ऐसा माहौल बदला कि अकेले बलाली गांव में 15-20 लड़कियां हर रोज अखाड़े में महावीर पहलवान से दांव-पेच सीख रही हैं, वह भी मां-बाप व गांव की सहमति से।
वाह! बेटियों: जहां कुश्ती बैन थी, तुमने सबको फैन बना दिया
गीता और बबीता के कोच खुद महावीर ही हैं। उसके कुनबे में महिला पहलवानों की संख्या दो से बढ़कर छह हो गई है। इनमें चार बेटियां (गीता, बबीता, ऋतु और संगीता) महावीर की हैं और दो (विनेस व प्रियंका) उनके छोटे भाई की। वर्ष 2003 में केवल 13 साल की उम्र में गीता के एशियन कैडेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मानो प्रदेश में कुश्ती में ‘बूम’ आ गया।