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'दंगल' की रियल बेटियों ने खोले निजी जिंदगी से जुड़े कई राज, स्पेशल इंटरव्यू
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
Updated Wed, 01 Feb 2017 09:43 AM IST
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गीता फौगाट और बबीता फौगाट
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आमिर खान की 'दंगल' की रियल बेटियों ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी निजी जिंदगी और पहलवानी से जुड़े कई राज साझा किए। आप भी जान लिजिए।
गीता फौगाट और बबीता फौगाट
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मैडल विजेता गीता फौगाट का कहना है कि दंगल फिल्म में तो पचास प्रतिशत ही मेहनत दिखाई गई है। असली जीवन में कड़ी तपस्या करके उन्होंने ये मुकाम हासिल किया है। बचपन में वो इतनी परेशान हो गई थी कि अपने पिता के बीमार होने की दुआ मांगा करती थी। गीता फौगाट एक कार्यक्रम के सिलसिले में स्टूडेंट्स से रूबरू हुईं। उनके साथ पिता महावीर फौगाट और बबीता फौगाट भी मौजूद रहे।
गीता फौगाट और बबीता फौगाट
इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स उन्हें देखने के लिए पहुंचे। इस दौरान स्टूडेंट्स ने दंगल फिल्म, करियर, कुश्ती और परिवार सहित कई बातों को लेकर सवाल पूछे। मेडल विजेता बहनों ने अपने जीवन के किस्सों से स्टूडेंट्स को बताया कि कैसे हर मुश्किल को धोबीपछाड़ देकर जिंदगी का दंगल जीत सकते हैं। सफलता का मुकाम हासिल कर सकते हैं।
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गीता फौगाट और बबीता फौगाट
गीता-बबिता ने बताया बचपन में मां बस कहती थी कि जो पिता ने कह दिया वही करना है। हम सोचते थे कि कितने बीमार पड़ते हैं, लेकिन मेरे पिता को कभी कोई तकलीफ ही नहीं होती थी। वो यादें आज हमें गुदगुदाती हैं। हम भाग्यशाली हैं कि ऐसे माता-पिता मिले हैं। पिता ने इस मुकाम तक पहुंचाया। यह बताते हुए गीता और बबीता ने बच्चों को सफलता के चार मूलमंत्र बताए।
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गीता फौगाट और बबीता फौगाट
अनुशासित रहें: शुरुआत में रोज सोते-जागते मेहनत करना पड़ता था। जो हमें तकलीफ दायक और बुरा लगता था। खेलने-कूदने के दिनों में बाबा ने हमें अखाड़े में उतार दिया और लड़कों के साथ कुश्ती सिखाते थे। वही ट्रेनिंग बाद में काम आई।