{"_id":"591344f24f1c1b7a04850bc2","slug":"aam-aadmi-party-is-doing-mistakes-punjab-news","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'आप' के खाते में लगातार जुड़ रहीं गलतियां, देखिए चुनाव से पहले और बाद की गलतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'आप' के खाते में लगातार जुड़ रहीं गलतियां, देखिए चुनाव से पहले और बाद की गलतियां
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 11 May 2017 09:11 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक आम आदमी पार्टी लगातार गलतियां कर रही है। जिसका खामियाजा वो भुगत भी रहे हैं, देखिए
- फोटो : File Photo
पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद अरविंद केजरीवाल ने जहां पंजाब का रुख नहीं किया, वहीं भगवंत मान को सूबा कनवीनर बनाकर पार्टी के दूसरे नेताओं को बोलने का मौका दे दिया है। पार्टी के इस फैसले को विदेश बैठे कंवर संधू ने चुनाव के बाद की गलती ठहराया है।
- फोटो : फाइल फोटो
चुनाव से पहले की ही गलती है कि लीडरशिप में टकराव के चलते पार्टी पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा प्रोजेक्ट नहीं कर सकी। बिना किसी जमीनी आधार के उठकर आए नेताओं ने मुख्यमंत्री बनने का सपना देख लिया। उस समय तक तो पार्टी ने अपने नेताओं को साध लिया, लेकिन अब तालमेल बिठाना मुश्किल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
भगवंत मान को सूबा कनवीनर बनाए जाने से नाराज गुरप्रीत घुग्गी प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही स्वयं तो मैदान से बाहर आ गए, लेकिन एचएस फूलका और सुखपाल खैरा का नाम लेकर एक नए मुद्दे को जीवंत कर दिया है। आने वाले समय में पार्टी में यह मुद्दा भी उछलेगा।
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
चुनाव से पहले की गलतियां
-पहली गलती यूथ मेनिफेस्टो पर झाडू का निशान, जिसके बाद आशीष खेतान को हटा दिया।
-सुच्चा सिंह छोटेपुर का पार्टी छोड़कर जाना रोकने की कोशिश नहीं।
-पूर्व आतंकी के घर केजरीवाल का ठहरना कट्टर पंथियों से नजदीकी ने हिंदू वोटर नाराज किया, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला।
-बंत सिंह की बेटी के रेप के आरोपियों को पार्टी में शामिल करना।
-मनीष सिसोदिया का बयान कि केजरीवाल को ही सीएम समझें, चुनाव से ठीक पहले इस बयान से खलबली मच गई।
-पहली गलती यूथ मेनिफेस्टो पर झाडू का निशान, जिसके बाद आशीष खेतान को हटा दिया।
-सुच्चा सिंह छोटेपुर का पार्टी छोड़कर जाना रोकने की कोशिश नहीं।
-पूर्व आतंकी के घर केजरीवाल का ठहरना कट्टर पंथियों से नजदीकी ने हिंदू वोटर नाराज किया, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला।
-बंत सिंह की बेटी के रेप के आरोपियों को पार्टी में शामिल करना।
-मनीष सिसोदिया का बयान कि केजरीवाल को ही सीएम समझें, चुनाव से ठीक पहले इस बयान से खलबली मच गई।