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ईडी की चिट्ठी और सीबीआई रेड: पंजाब में देर रात गरमाई छापे की सियासत, सीएम कैंप आफिस पर दबिश के मायने क्या?
Wed, 07 Oct 2026 08:56 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 07 Oct 2026 08:56 AM IST
सार
सीबीआई की कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सोमवार के उस आदेश के बाद हुई जिसमें अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजी गई तीन चिट्ठियों में लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपी थी। हाईकोर्ट ने आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था साथ ही सीबीआई से दो महीने में जांच रिपोर्ट भी मांगी थी।
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पंजाब-चंडीगढ़ में सीबीआई रेड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीबीआई ने मंगलवार शाम चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस समेत पंजाब के नाै ठिकानों पर दबिश दी। सीबीआई की इस कार्रवाई से पंजाब में सियासी भूचाल आ गया है। आप ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। वहीं विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार पर वार बताया।
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दरअसल सीबीआई ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनके ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद ताबड़तोड़ छापेमारी में लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज समेत कई इलेक्ट्रॉनिक व अन्य सामग्री कब्जे में ली है। सीबीआई ने चंडीगढ़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, लुधियाना, रोपड़ के मोरिंडा और जालंधर में भी आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली। चंडीगढ़ में सीबीआई की रेड शाम सवा छह बजे से रात 11 बजे तक चली।
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यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सोमवार के उस आदेश के बाद हुई जिसमें अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पंजाब के डीजीपी को भेजी गई तीन चिट्ठियों में लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपते हुए आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने सीबीआई से दो महीने में जांच रिपोर्ट भी मांगी थी।
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सीबीआई ने इस मामले में सीएम मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर, आरएस नागरा और अज्ञात सरकारी व निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई की टीम रोपड़ के मोरिंडा भी पहुंची जहां ओएसडी घुमन के करीबी के यहां तलाशी ली।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की पोस्टिंग-तबादलों को प्रभावित करने, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत मामलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर, लाइसेंस, भूमि उपयोग परिवर्तन और संपत्ति विवादों से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आर्थिक लाभ के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया जाता था। यह भी गंभीर आरोप है कि सरकारी अधिकारियों ने जारी होने से पहले आदेशों और नीतियों के मसौदे निजी लोगों तक पहुंचाए।
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हाईकोर्ट ने दिए थे जांच के आदेश
मामले की शुरुआत ईडी की जांच से हुई। ईडी ने पंजाब के डीजीपी को तीन पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि नितिन गोहल कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों से जुड़े काम कराने के लिए बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। आरोपों में अधिकारियों की पोस्टिंग-तबादले प्रभावित कराने, सरकारी दस्तावेज हासिल करने, हथियार लाइसेंस और विभिन्न सरकारी मंजूरियां दिलाने सहित अन्य मामलों में हस्तक्षेप का उल्लेख था। ईडी की इन शिकायतों पर पंजाब पुलिस की ओर से मामला दर्ज नहीं किए जाने के बाद अधिवक्ता निखिल सराफ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उपलब्ध सामग्री को देखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जरूरत बताई और सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच के निर्देश दिए।
मान बोले- चुनाव से पहले भाजपा घबराई
सीबीआई कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भाजपा ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और उन्हें तथा उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। मान ने कहा कि भाजपा को पंजाब में मिल रहे समर्थन को देखकर घबराहट हो रही है। सीएम ने एक्स पर लिखा- भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। मेरे कैंप ऑफिस पर सीबीआई की रेड हुई। अब पंजाब सरकार और मुझे बदनाम करने के लिए ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जाएगा। उधर, सीएम मान के सभी मंत्रियों ने भी अपने-अपने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की निंदा करते हुए भाजपा को निशाना बनाया।
जवाब 100 प्लस सीटें जीतकर देंगे : केजरीवाल
चुनाव से दो महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर सीबीआई की रेड बीजेपी कि बौखलाहट का नतीजा है। जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार आई है, उसने पंजाबियों के साथ हमेशा ही धक्का किया है, चाहे किसान आंदोलन हो, पंजाब के पानी का मुद्दा हो, पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा हो। अब तो उनके चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ भी धक्का कर रही है। बीजेपी चुनाव लड़कर पंजाब में जीत नहीं सकती तो ईडी-सीबीआई के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन पंजाबियों ने अपना मन बना लिया है और भाजपा की सीबीआई रेड का जवाब आने वाले चुनाव ने भगवंत मान को 100 प्लस सीटों से जीता कर दोबारा मुख्यमंत्री बना कर देंगे ।
सील लगे डिब्बे और फाइलें लेकर निकली टीम...
रात करीब 11 बजे जब सीबीआई की टीम कैंप कार्यालय से बाहर निकली तो दो अधिकारियों के हाथ में बैग नजर आए। एक अधिकारी ने फाइलें और दूसरे ने दस्तावेज पकड़े हुए थे। टीम के साथ एक सील लगा प्लास्टिक का डिब्बा भी बाहर आया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इसमें क्या सामग्री थी। सीबीआई ने भी बरामद सामग्री को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
मामले की शुरुआत ईडी की जांच से हुई। ईडी ने पंजाब के डीजीपी को तीन पत्र भेजकर आरोप लगाया था कि नितिन गोहल कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों से जुड़े काम कराने के लिए बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। आरोपों में अधिकारियों की पोस्टिंग-तबादले प्रभावित कराने, सरकारी दस्तावेज हासिल करने, हथियार लाइसेंस और विभिन्न सरकारी मंजूरियां दिलाने सहित अन्य मामलों में हस्तक्षेप का उल्लेख था। ईडी की इन शिकायतों पर पंजाब पुलिस की ओर से मामला दर्ज नहीं किए जाने के बाद अधिवक्ता निखिल सराफ ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उपलब्ध सामग्री को देखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जरूरत बताई और सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच के निर्देश दिए।
मान बोले- चुनाव से पहले भाजपा घबराई
सीबीआई कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भाजपा ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और उन्हें तथा उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल किया जा रहा है। मान ने कहा कि भाजपा को पंजाब में मिल रहे समर्थन को देखकर घबराहट हो रही है। सीएम ने एक्स पर लिखा- भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। मेरे कैंप ऑफिस पर सीबीआई की रेड हुई। अब पंजाब सरकार और मुझे बदनाम करने के लिए ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग किया जाएगा। उधर, सीएम मान के सभी मंत्रियों ने भी अपने-अपने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की निंदा करते हुए भाजपा को निशाना बनाया।
जवाब 100 प्लस सीटें जीतकर देंगे : केजरीवाल
चुनाव से दो महीने पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय पर सीबीआई की रेड बीजेपी कि बौखलाहट का नतीजा है। जब से केंद्र में बीजेपी की सरकार आई है, उसने पंजाबियों के साथ हमेशा ही धक्का किया है, चाहे किसान आंदोलन हो, पंजाब के पानी का मुद्दा हो, पंजाब यूनिवर्सिटी का मुद्दा हो। अब तो उनके चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ भी धक्का कर रही है। बीजेपी चुनाव लड़कर पंजाब में जीत नहीं सकती तो ईडी-सीबीआई के सहारे चुनाव लड़ना चाहती है लेकिन पंजाबियों ने अपना मन बना लिया है और भाजपा की सीबीआई रेड का जवाब आने वाले चुनाव ने भगवंत मान को 100 प्लस सीटों से जीता कर दोबारा मुख्यमंत्री बना कर देंगे ।
सील लगे डिब्बे और फाइलें लेकर निकली टीम...
रात करीब 11 बजे जब सीबीआई की टीम कैंप कार्यालय से बाहर निकली तो दो अधिकारियों के हाथ में बैग नजर आए। एक अधिकारी ने फाइलें और दूसरे ने दस्तावेज पकड़े हुए थे। टीम के साथ एक सील लगा प्लास्टिक का डिब्बा भी बाहर आया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इसमें क्या सामग्री थी। सीबीआई ने भी बरामद सामग्री को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
घुम्मन के घर सीबीआई पहुंची तो ढोल बजाकर जश्न मनाया
मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के संगरूर स्थित पैतृक गांव घराचों में सीबीआई की कार्रवाई के दौरान लोगों के ढोल बजाकर जश्न मनाने का दावा किया गया है। पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि सीबीआई अधिकारियों की गाड़ियों पर गुलाब के फूल बरसाए गए और कुछ लोगों ने कार्रवाई का स्वागत किया। सीबीआई ने घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज कर पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर तलाशी ली है।
किस आरोपी की क्या भूमिका
राजबीर सिंह घुम्मन: मुख्यमंत्री के ओएसडी और मामले में प्रमुख आरोपी। जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी फैसलों, अधिकारियों की पोस्टिंग और अन्य मामलों में कथित प्रभाव डालने के आरोप हैं।
नितिन गोहल: कथित बिचौलिया। ईडी के अनुसार, सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और घुम्मन के बीच संपर्क कड़ी की भूमिका में था। सीएलयू, जमीन-संपत्ति और सरकारी मंजूरियों से जुड़े मामलों में भी आरोप हैं।
जितिन गोहल उर्फ राजा: नितिन गोहल का भाई। मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्ति से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के संदर्भ में नाम आया है।
रोमी राजा महाजन: घुम्मन और गोहल से जुड़े सहयोगी के तौर पर नाम सामने आया। ईडी के अनुसार, जितिन गोहल का मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क स्थापित कराने में कथित भूमिका रही।
बीर देविंदर: राजनीतिक व्यक्ति। ईडी के आरोपों में घुम्मन और नितिन गोहल से जुड़े संपर्कों के संदर्भ में नाम आया है।
आरएस नागरा: एफआईआर में नामजद आरोपी। सीबीआई के अनुसार, कथित भ्रष्टाचार में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के संगरूर स्थित पैतृक गांव घराचों में सीबीआई की कार्रवाई के दौरान लोगों के ढोल बजाकर जश्न मनाने का दावा किया गया है। पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि सीबीआई अधिकारियों की गाड़ियों पर गुलाब के फूल बरसाए गए और कुछ लोगों ने कार्रवाई का स्वागत किया। सीबीआई ने घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एफआईआर दर्ज कर पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर तलाशी ली है।
किस आरोपी की क्या भूमिका
राजबीर सिंह घुम्मन: मुख्यमंत्री के ओएसडी और मामले में प्रमुख आरोपी। जांच एजेंसियों के अनुसार, सरकारी फैसलों, अधिकारियों की पोस्टिंग और अन्य मामलों में कथित प्रभाव डालने के आरोप हैं।
नितिन गोहल: कथित बिचौलिया। ईडी के अनुसार, सरकारी काम कराने के इच्छुक लोगों और घुम्मन के बीच संपर्क कड़ी की भूमिका में था। सीएलयू, जमीन-संपत्ति और सरकारी मंजूरियों से जुड़े मामलों में भी आरोप हैं।
जितिन गोहल उर्फ राजा: नितिन गोहल का भाई। मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्ति से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के संदर्भ में नाम आया है।
रोमी राजा महाजन: घुम्मन और गोहल से जुड़े सहयोगी के तौर पर नाम सामने आया। ईडी के अनुसार, जितिन गोहल का मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क स्थापित कराने में कथित भूमिका रही।
बीर देविंदर: राजनीतिक व्यक्ति। ईडी के आरोपों में घुम्मन और नितिन गोहल से जुड़े संपर्कों के संदर्भ में नाम आया है।
आरएस नागरा: एफआईआर में नामजद आरोपी। सीबीआई के अनुसार, कथित भ्रष्टाचार में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।