हम आपको बताने जा रहे हैं, आधार कार्ड से जुड़ा एक ऐसा नियम, जिसके बारे में किसी ने आपको बताया नहीं होगा। जानिए बड़े काम का है।
अभी तक बैंक खाता खुलवाने के लिए आधार अनिवार्य था, लेकिन अब बैंक खाता बंद करने के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है। लीड बैंक अधिकारी जीएस मल्होत्रा ने खाताधारकों से जल्द से जल्द अपना बैंक अकाउंट नंबर आधार से लिंक कराने का आह्वान किया है। फतेहाबाद जिले में सभी बैंकों की कुल 270 शाखाएं हैं, जिनमें करीब तीन लाख खाते संचालित हैं।
रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार, बैंक उपभोक्ताओं 31 मार्च तक बैंक खाते के लिए आधार नंबर बैंक में जमा करना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर बैंक ऐसे खातों को फ्रीज कर सकता है और पूरी आशंका है कि फ्रीज खातों को रिजर्व बैंक और आयकर विभाग की अनुमति के बिना दोबारा एक्टिव कराना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सभी उपभोक्ताओं के लिए बेहतर यही होगा कि अपना बैंक खाता आधार से लिंक करा लें।
आयकर और लीड बैंक के सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद से जनधन खातों पर विशेष नजर रखी जा रही है। दरअसल साल 2014 के बाद से जीरो बैलेंस पर फतेहाबाद जिले में हजारों लोगों के जनधन खाते खोले गए। लेकिन अगले एक साल तक इनमें से अधिकतर खातों में कोई लेन-देन ही नहीं हुआ। बीते साल नवंबर में नोटबंदी की घोषणा के बाद एकाएक इन खातों में धड़ाधड़ पैसे जमा होने लगे। जिसके बाद आयकर विभाग की भी नजर जनधन खातों पर पड़ी।
लीड बैंक के आंकड़ों की मानें तो नोटबंदी के बाद फतेहाबाद जिले के बैंकों में पुराने नोटों की शक्ल में तकरीबन 12 सौ करोड़ से अधिक की धनराशि जमा हुई। इसी तरह फतेहाबाद जिले के सैकड़ों जनधन खातों में भी करोड़ों रुपये जमा हुए थे। सूत्रों की मानें तो जल्द ही विभिन्न बैंकों की शाखाओं में भी आधार केंद्र बनाये जा सकते हैं। हालांकि फतेहाबाद जिले में इसकी संभावना काफी कम है।