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एक शख्स.. जो लंगर लगाकर करोड़पति से बना कंगाल, फिर भी जिदां है जज्बा

Tue, 24 Jan 2017 05:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 24 Jan 2017 05:21 PM IST
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A man who become poor from millionaire
जगदीश लाल

तस्वीरों में आप जिस इंसान को देख रहे हैं, ये किसी समय करोड़पति थे। 15 साल से लंगर लगा-लगाकर आज यह कंगाली के दौर से गुजर रहा है, लेकिन जज्बा बरकरार है।

A man who become poor from millionaire
जगदीश लाल

इस इंसान का नाम है जगदीश लाल आहुजा। इन्हें लोग बाबा और इनकी पत्नी को जय माता दी के नाम से जानते हैं। 80 साल का ये बुजुर्ग पत्नी के साथ मिलकर रोज एक हजार लोगों का पेट भरता है। 15 साल से ये इंसान पीजीआई के बाहर दाल, रोटी, चावल और हलवा बांट रहा है, वो भी बिना किसी छुट्टी के। जो लोग उन्हें जानते हैं, वह कहते हैं कि आहुजा ने एक से डेढ़ हजार लोगों को गोद ले रखा है।

A man who become poor from millionaire
जगदीश लाल

जगदीश लाला आहुजा भूखों का पेट भरने के लिए एक-एक कर करोड़ों की आधा दर्जन प्रॉपर्टी बेच चुके हैं। कई मुश्किलें आईं। लेकिन आहुजा के सेवा भाव में कमी नहीं आई। लंगर के लिए आज तक उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे। कभी वे पीजीआई के अलावा 9 जगहों पर जरूरी सामान बांटते थे, लेकिन रुपयों की कमी के कारण उन जगहों पर जाना बंद हो गया।

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A man who become poor from millionaire
जगदीश लाल

आहुजा कहते हैं कि उन्हें जब कोई भूखा नजर आता है तो लगता है कि यह मेरे बच्चे जैसा है और मैं अपने बच्चे को कैसे भूखा रख सकता हूं। पैसों की कमी के चलते आहुजा अब सिर्फ पीजीआई और जीएमसीएच-32 के बाहर लंगर लगाते हैं और कहते हैं कि जब तक जमा पूंजी है, तब तक लंगर चलता रहेगा। दो साल पहले तक वे सारा कामकाज खुद देखते थे, लेकिन अब तबियत खराब रहने से वह सिर्फ दो घंटे के लिए पीजीआई जाते हैं। साथ में उनकी पत्नी भी होती हैं।

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A man who become poor from millionaire
जगदीश लाल

जगदीश लाल आहुजा बताते हैं कि अब उनके लिए लंगर चलाना मुश्किल हो गया है। उनके पास रुपये भी नहीं हैं और न ही उसे संभालने का दमखम। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या सोसाइटी उनके लंगर को संभालना चाहता है तो वे इस लंगर को उसे सौंप सकते हैं। अगर कोई आगे नहीं आया तो वे जब तक जिंदा हैं, तब तक पीजीआई के बाहर लंगर चलते रहेंगे।

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