पठानकोट में दहशत के 90 घंटे, कब-क्या और कैसे, एक नजर में
पंजाब के पठानकोट में एयरफोर्स स्टेशन में आतंकियों को दहशत फैलाए 90 घंटे हो गए हैं। जानिए अब तक कब, क्या और कैसे हुआ?
पठानकोट में दहशत के 90 घंटे, कब-क्या और कैसे, एक नजर में
बुधवार रात यहां से हुई घुसपैठः सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि आतंकवादी बमियाल नाले के पास से भारतीय सीमा में घुसे। इस इलाके में कंटीली बाड़ नहीं है और नाला होने की वजह से धंध और रात के अंधेरे का उन्हें लाभ मिला होगा। वैसे यहां बीएसएफ की एक चौकी है। पाकिस्तान के इखलासपुर से होकर वे यहां तक पहुंचे होंगे।
पठानकोट में दहशत के 90 घंटे, कब-क्या और कैसे, एक नजर में
यहां से चले थे एसपी सलविंदरः वीरवार रात सवा 11 बजे गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह तलूर स्थित डेरे से अपने दोस्त और कुक के साथ महेंद्रा एक्सयूवी से अपने घर नरोट जैमल के लिए निकले।
पठानकोट में दहशत के 90 घंटे, कब-क्या और कैसे, एक नजर में
यहां से छीनी गई थी एसपी की गाड़ीः यह माना जा रहा है कि आतंकवादी बमियाल से जिस इनोवा में आए वह नरोट जैमल सिंह के पास पंक्चर हो गई। इस दौरान रात साढ़े 11 बजे एसपी की एक्सयूवी गांव में पहुंची। आतंकवादियों ने गाड़ी सहित एसपी और उनके साथियों को अगवा कर लिया और पठानकोट की ओर बढ़ गए।
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मुख्यमार्ग से बचते हुए निकले आतंकीः नरोट जैमल सिंह से पठानकोट का मुख्यमार्ग कठुआ होकर आता है। मगर यहां सख्त चौकसी होने की वजह से आतंकियों ने इसे नहीं चुना। आतंकवादियों ने नरोट जैमल सिंह से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर कथलौर पुली के पास इनोवा चालक एकाग्र सिंह का शव फेंक दिया।