पति की मौत की खबर आई तो इराक में मारे गए गोबिंदर सिंह की पत्नी बेहोश हो गई। होश आया तो ऐसी बात कह दी, बच्चे फूट-फूट कर रोने लगे।
‘हाय ओ रब्बा, एह की भाना वरतया, साडी तां दुनिया ही लूटी गईं।’ ये रुदन जिले के पंजाब में कपूरथला के गांव मुरार में सुनने को मिले, जहां पर ईराक के मोसुल शहर में चार साल पहले काम करने गए गोबिंदर सिंह की मौत की खबर पहुंची। विदेश मंत्रालय से जैसे ही मंगलवार सुबह गोबिंदर के भाई दविंदर सिंह को फोन पर आया तो घर में चीखो पुकार मच गई। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
चार साल से बेटे की सलामती की उम्मीद पर टिके गोबिंदर के बूढ़े पिता बचित्र सिंह पर तो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं गोबिंदर की पत्नी अमरजीत कौर का तो हाल बेहाल हो गया। रोते हुए अमरजीत कौर ने बताया कि अब तक जितनी बार भी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात हुई तो वह उनके पति के कभी चर्च तो कभी फैक्टरी में काम करने की बात कहती रहती थीं।
अमरजीत बताती हैं कि उनकी आखिरी बार 2014 में पति से बात हुई थी, उस समय उन्होंने जल्द सभी साथियों के साथ वापस आने की बात कही थी। अमरजीत ने सवाल उठाया कि अगर सरकार को चार माह पहले जब डीएनए के लिए सैंपल लिए गए थे, तब मरने की बात पता चल गई थी तो उस समय क्यों नहीं बताया। इस बात का जवाब वह विदेश मंत्री से चाहती हैं। अब तक उन्हें गुमराह क्यों किया गया।
अमरजीत कौर ने मांग की है कि उनके बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए, जिससे वह अपना गुजारा कर सकें। गोबिंदर के पिता बचित्र सिंह ने कहा कि अब तो सरकार उन्हें पुख्ता सुबूत न होने की बात कहती रही। भाई की फोटो सीने से लगाए बैठे दविंदर सिंह ने बताया कि चार साल से इस उम्मीद पर थे कि एक दिन उसका भाई वापस लौटेगा। रोते हुए दविंदर बोला कि ‘जदों वी फोन दी घंटी वजदी तां लगदां कि मेरे भाई दा फोन आ गया। हुन तां उह उम्मीद वी खत्म हो गई। साडी तां दुनिया ही लुटी गई।’