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UP: खाली बर्तन दे रहे भुखमरी की गवाही, सूदखोरों के तगादों से भर आया था मन, तीन दिन से साजिश रच रहा था अर्जुन

Tue, 13 Feb 2024 06:17 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 13 Feb 2024 06:17 AM IST
सार

Kanpur News: सनिगवां में पत्नी और बेटी की हत्या कर जान देने के प्रयास के मामले में सामने आया है कि अर्जुन तीन दिन से साजिश रच रहा था। पड़ोसियों के मुताबिक तीन दिन पहले पति-पत्नी में विवाद हुआ था।

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Case of attempt to commit suicide by killing wife and daughter, Empty utensils testifying to hunger
kanpur double murder and suicide case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में पत्नी और बेटी की हत्या करने के बाद खुद को घायल करने वाला किराना दुकानदार अर्जुन जायसवाल कर्ज से बेहद परेशान था। यह पीड़ा उसके सुसाइड नोट से भी जाहिर होती है। पड़ोसियों की मानें, तो तीन दिन पहले पत्नी निशा से विवाद भी हुआ था। इसके बाद अर्जुन जब बाहर निकला था, तो वह बहुत मायूस लग रहा था।

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ऐसे में आशंका है कि इसी दिन से उसने पत्नी और बेटी को मारने के बाद खुद भी जान देने की साजिश रचने लगा था। सोमवार को मौका लगते ही उसने ऐसा कर भी डाला। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मौके पर मिले दोनों चाकू नए थे और उनमें काफी धार थी।

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पोस्टमार्टम से खुलेगा पत्नी की मौत का राज
घटना में अभी भी कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिल सके हैं। मसलन, पत्नी निशा की मौत कैसे हुई। दरअसल, पुलिस को अर्जुन की पत्नी के शरीर पर संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला था। इसके अलावा पुलिस व फॉरेंसिक टीम को कमरे में लगे पंखे से दुपट्टा बंधा मिला था जो कटा हुआ था, लेकिन शव फर्श पर पड़ा मिला। ऐसे में साफ नहीं है कि उसकी मौत गला घोंटकर की गई या जहरीला पदार्थ खिलाकर फंदे से लटकाया और नीचे उतारा या बेहोशी की हालत में गला घोट दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस पर से पर्दा हट जाएगा।

खाली शीशी मिली, बेटी के मुंह से निकल रहा था झाग
फॉरेंसिक टीम ने अधिकारियों की मौजूदगी में कई अहम साक्ष्य जुटाए। इनमें एक शीशी, शरीर पर मिले बाल व शरीर में मिले खून व दो चाकुओं के अलावा पंखे पर लटका दुपट्टा भी मिला है। यह साफ नहीं है कि वह खुद फंदे से लटकी या उसे अर्जुन ने लटकाया। चूंकि घर में एक खाली शीशी भी मिली है और बेटी के मुंह से झाग निकल रहा था, इसलिए माना जा रहा है कि अर्जुन ने हत्या से पहले दोनों को नशीला पदार्थ खिलाया और फिर बेटी का गला घोट दिया। इसके बाद अलग-अलग चाकुओं से अपने हाथ व पैर की नसों को काट दिया। फिलहाल मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों की मौत का कारण स्पष्ट होगा।

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रविवार रात को घर के बाहर ही रो रहा था अर्जुन
शुरआती जांच में पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि अर्जुन रविवार रात घर के बाहर बैठकर जोर जोर से रो रहा था। लोगों ने पूछा तो कुछ नहीं कहा। हालांकि इसके बाद वह अपने घर के अंदर चला गया। सोमवार दोपहर तीन बजे तक जब परिवार का कोई सदस्य नहीं दिखा तो लोगों को शंका हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।

घर में मिले खाली बर्तनों ने दी भुखमरी की गवाही
पुलिस को किचन में खाली बर्तन मिले हैं। इनमें आटे के बर्तन में आटा नहीं था और न ही चावल के बर्तन में चावल। धुले हुए बर्तन साफ बता रहे थे कि घर में कई दिनों से खाना नहीं बना था। पूरा परिवार भुखमरी से जूझ रहा था।

सूदखोरों ने जीना कर दिया था दूभर
पुलिस को जांच में पता चला है कि पहले मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी करने के बाद उसने तीन साल पहले उधार पैसे लेकर दुकान खोली थी। हालांकि दुकान में घाटा होने की वजह से उसकी माली हालत खराब होने लगी। इधर, सूदखोरों ने भी रोजाना तकादा कर रुपये लौटाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस वजह से अर्जुन दुकान बंद रखने लगा।

न पड़ोसियों से मतलब, न रिश्तेदारों से मेल जोल
पड़ोसियों ने बताया कि अर्जुन व उसकी पत्नी पड़ोसियों से ज्यादा मतलब नहीं रखते थे। आमना-सामना होने या उनके पहल करने पर ही दंपती बातचीत करता था। वहीं, तीन साल में किसी पड़ोसी ने किसी रिश्तेदार को उनके घर आते नहीं देखा। पुलिस का कहना है कि तीन साल पहले तक अर्जुन रेलबाजार में अपने भाई राजेश के परिवार के साथ रहता था। उस समय वह एमआर की नौकरी कर रहा था लेकिन नौकरी जाने के बाद ही वह सनिगवां आकर रहने लगा।

मोहल्ले के लोग रखते थे परिवार का ध्यान
पड़ोसियों के अनुसार अर्जुन के परिवार की वित्तीय स्थिति इतनी खराब थी कि बच्ची की पढ़ाई भी बंद करा दी गई थी। पिछले कुछ महीने से बच्ची घर पर ही थी। कई बार जब बेटी काफी देर तक जोर जोर से रोती थी तो पड़ोसी खुद उसे अपने घर ले जाते थे।

आखिरी बार सुबह पांच बजे दिखा था अर्जुन
पुलिस का कहना है कि अर्जुन रविवार रात 11 बजे दुकान बंद कर घर लौटा था। पड़ोसियों ने अर्जुन को आखिरी बार पांच बजे के बाद घर से दुकान की ओर लोगों ने जाते देखा था। जांच में पता चला है कि घर से निकलकर वह पास की सुरेंद्र की एक चाय की दुकान गया और सिगरेट पी। इसके बाद वह घर लौट गया, लेकिन दोबारा बाहर नहीं निकला। हालांकि घर पहुंचने से पहले फोन पर उसकी दूध वाले से नोकझोंक हुई थी।

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