फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ujjain News Karnabharam and Malavikagnimitram charming performance captivated everyone see pictures

Ujjain News: कर्णभारम और मालविकाग्निमित्रम की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मनमोहा, देखें तस्वीरें

Mon, 16 Sep 2024 09:22 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Mon, 16 Sep 2024 09:22 AM IST
सार

प्रस्तुति में मालविकाग्निमित्रम में विदूषक ने दर्शकों को अपने अभिनय से बहुत गुदगुदाया। निर्देशकों का निर्देशन अत्यन्त प्रभावी रहा। मंच सज्जा, संगीत तथा भरतमुनि की नाट्यशास्त्रीय परम्परा का निर्वहन अत्यन्त दक्षता से किया गया।
 

विज्ञापन
Ujjain News Karnabharam and Malavikagnimitram charming performance captivated everyone see pictures
कर्णभारम एवं मालविकाग्निमित्रम की प्रस्तुति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन द्वारा बालनाट्य महोत्सव (संस्कृत नाटकों पर एकाग्र) का आयोजन प्रारम्भ हुआ। प्रथम दिवस कला चैपाल संस्था, उज्जैन द्वारा विशाल सिंह कुशवाह के निर्देशन में महाकवि भास विरचित कर्णभारम एवं सिन्धु प्रवाह एकेडमी, उज्जैन द्वारा महाकवि कालिदास विरचित मालविकाग्निमित्रम की प्रस्तुति कुमार किशन के निर्देशन में की गई। दोनों ही प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बहुत प्रभावित किया।

विज्ञापन


विशेषकर यह बात निर्मूल सिद्ध हुई कि संस्कृत के नाटका दर्शकों की समझ से परे है। प्रथम प्रस्तुति में इन्द्र कर्ण के संवाद प्रभावी रहे तो वहीं दूसरी प्रस्तुति में मालविकाग्निमित्रम में विदूषक ने दर्शकों को अपने अभिनय से बहुत गुदगुदाया। निर्देशकों का निर्देशन अत्यन्त प्रभावी रहा। मंच सज्जा, संगीत तथा भरतमुनि की नाट्यशास्त्रीय परम्परा का निर्वहन अत्यन्त दक्षता से किया गया।
विज्ञापन


अकादमी के निदेशक डॉ. गोविन्द गन्धे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन के अभिरंग नाट्यगृह में प्रो. विरूपाक्ष जड्डीपाल, सचिव, महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन के मुख्य आतिथ्य, सतीश दवे, वरिष्ठ रंगकर्मी, उज्जैन की अध्यक्षता एवं संजय नाहर, पूर्व सदस्य कार्य परिषद् विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित संजय नाहर ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में नाटक की अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए तथा बुराई को त्यागने का प्रयास करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


रंगमंच से जुड़कर भविष्य में देश और प्रदेश का नाम गौरवान्वित हो, ऐसा प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. विरूपाक्ष जड्डीपाल ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमें सब कुछ दिया है। हमें केवल सिद्धी का मार्ग अपनाना है। रंगमंच भी एक वेद है, इसमें सम्पूर्ण वेद का सार है। अपनी कला चेतना को जागृत रखें। अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए सतीश दवे ने कहा कि संस्कृत नाट्य परम्परा आज भी कायम है। वर्तमान युवा पीढ़ी को इसे निरन्तर आगे बढ़ाते रहना है। कार्यक्रम का संचालन डॉ महेन्द्र पण्ड्या ने किया एवं आभार कार्यक्रम प्रभारी अनिल बारोड़ ने व्यक्त किया।

कर्णभारम एवं मालविकाग्निमित्रम की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मनमोहा

कर्णभारम एवं मालविकाग्निमित्रम की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मनमोहा

कर्णभारम एवं मालविकाग्निमित्रम की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मनमोहा

कर्णभारम एवं मालविकाग्निमित्रम की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मनमोहा

कर्णभारम एवं मालविकाग्निमित्रम की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मनमोहा

कर्णभारम एवं मालविकाग्निमित्रम की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का मनमोहा

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed