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टीकमगढ़ में हादसा: रेलवे स्टेशन पर दो महीने पहले लगाई 90 लाख की लिफ्ट गिरी, छह से ज्यादा लोग सवार थे
Tue, 06 Oct 2026 07:51 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 06 Oct 2026 07:51 PM IST
सार
टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर दो महीने पहले लगी 90 लाख रुपये की लिफ्ट छह से अधिक यात्रियों के सवार होने के दौरान करीब पांच फीट नीचे गिर गई। बफर स्प्रिंग में फंसने से बड़ा हादसा टला। जांच में ओवरलोडिंग और सेंसर विफलता सामने आई, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे।
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टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट गिरने के बाद लोगों को निकाला गया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दो महीने पहले लगाई गई 90 लाख रुपये की लिफ्ट सोमवार रात 11 बजे अचानक नीचे गिर गई। लगभग पांच फीट की ऊंचाई पर पहुंचते ही लिफ्ट नीचे आ गिरी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय लिफ्ट में छह से अधिक यात्री सवार थे, जो प्लेटफॉर्म नंबर 2 से प्लेटफॉर्म 1 पर जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े थे। लिफ्ट नीचे लगे बफर स्प्रिंग में करीब एक फीट धंसकर फंस गई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
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ओवरलोडिंग और सेंसर विफलता
हादसे की सूचना मिलने पर मंगलवार दोपहर ललितपुर से वरिष्ठ खंड इंजीनियर पुरुषोत्तम मीणा जांच के लिए टीकमगढ़ पहुंचे। उन्होंने जांच के बाद कहा कि क्षमता से अधिक भार होने के कारण लिफ्ट नीचे गिरी। इस दौरान ओवरलोड का सेंसर अलार्म काम नहीं कर पाया। उन्होंने बताया कि जांच के बाद तकनीकी दल ने लिफ्ट को दुरुस्त कर दिया है और वह अब सही तरीके से काम कर रही है।
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निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
अमृत भारत योजना के तहत टीकमगढ़ स्टेशन पर करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए हैं। प्रधानमंत्री ने 17 जुलाई को इन कार्यों का वर्चुअली लोकार्पण किया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे। केवल दो महीने में ही लिफ्ट गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्री प्रियम जैन, संदीप यादव, अभिषेक यादव और मनोज कुमार ने लिफ्ट की क्षमता, सेंसर, ब्रेकिंग प्रणाली और सुरक्षा मानकों की तकनीकी जांच कराने तथा जिम्मेदार निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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ओवरलोडिंग और सेंसर विफलता
हादसे की सूचना मिलने पर मंगलवार दोपहर ललितपुर से वरिष्ठ खंड इंजीनियर पुरुषोत्तम मीणा जांच के लिए टीकमगढ़ पहुंचे। उन्होंने जांच के बाद कहा कि क्षमता से अधिक भार होने के कारण लिफ्ट नीचे गिरी। इस दौरान ओवरलोड का सेंसर अलार्म काम नहीं कर पाया। उन्होंने बताया कि जांच के बाद तकनीकी दल ने लिफ्ट को दुरुस्त कर दिया है और वह अब सही तरीके से काम कर रही है।
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निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
अमृत भारत योजना के तहत टीकमगढ़ स्टेशन पर करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए हैं। प्रधानमंत्री ने 17 जुलाई को इन कार्यों का वर्चुअली लोकार्पण किया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे। केवल दो महीने में ही लिफ्ट गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्री प्रियम जैन, संदीप यादव, अभिषेक यादव और मनोज कुमार ने लिफ्ट की क्षमता, सेंसर, ब्रेकिंग प्रणाली और सुरक्षा मानकों की तकनीकी जांच कराने तथा जिम्मेदार निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
