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Sehore News: अब बिना अनुमति नलकूप खनन कराया तो होगी जेल, जल संकट की आशंका के चलते प्रशासन सख्त
Fri, 04 Apr 2025 06:24 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Apr 2025 06:24 PM IST
सार
पेयजल संकट की आशंका के मद्देनज़र, कृषि और औद्योगिक कार्यों के लिए जल उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही निजी नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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पेयजल के लिए हो रही परेशानी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले में गंभीर जल संकट को देखते हुए कलेक्टर बालागुरु ने जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। कृषि कार्यों के लिए अत्यधिक भू-जल दोहन और रबी फसल के दौरान मावट न होने से स्थिति और बिगड़ी है। आने वाले गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की आशंका है। इसे लेकर जिले के सभी आठ क्षेत्रों सीहोर, श्यामपुर, आष्टा, जावर, इछावर, रेहटी, भैरूंदा और बुदनी में यह आदेश लागू होगा।
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जिले के सीहोर, श्यामपुर, आष्टा, जावर, इछावर, रेहटी, भैरूंदा और बुदनी नगर एवं ग्रामीण, में भू-जल संवर्धन के लिए जियोलोजिकल फार्मेशन अनुकूल नहीं होने, कृषि कार्य के लिए अत्याधिक भू-जल दोहन होने और रबी फसल के दौरान मावट नहीं होने से नलकूपों-हैंडपंपों का जल स्तर निरंतर नीचे गिर रहा है। जल आवक क्षमता कम होती जा रही है। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय खंड सीहोर के प्रतिवेदन अनुसार आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना है। कलेक्टर बालागुरू के. ने पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। सभी जल स्रोतों से घरेलू उपयोग को छोड़कर, सिंचाई या औद्योगिक कार्यों के लिए जल का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। इसमें बांध, नदी, नहर, जलधारा, झरना, झील, जलाशय, नाला, बंधान, नलकूप और कुएं शामिल हैं।
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निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध
जिले में अशासकीय और निजी नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। बोरिंग मशीनों को अनुविभागीय दंडाधिकारी की अनुमति के बिना जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर दो वर्ष का कारावास या दो हजार रुपये जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। राजस्व और पुलिस अधिकारियों को अवैध बोरिंग मशीनों को जब्त करने और एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार दिया गया है।
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जनहित में निजी बोरबेल अधिग्रहित
कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा ग्रीष्मकाल में आमजन की पेयजल की समस्या एवं जल संकट को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल आपूर्ति के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं। इसके लिए प्रशासन द्वारा जनहित में नये बोरबेल एवं पेयजल का परिवहन भी किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा जनहित के लिए निजी बोरबेल भी अधिग्रहित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आष्टा एसडीएम स्वाति मिश्रा ने आष्टा जनपद के 12 निजी बोरबेल 30 जून तक की अवधि के लिए अधिग्रहित किए हैं।
