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अदालत का फैसला: हत्या के अपराध में पिता-पुत्र को दस-दस साल का कारावास, जिला न्यायालय ने किया सजा से दंडित
Mon, 31 Aug 2026 09:49 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 09:49 PM IST
सार
जबलपुर के पाटन न्यायालय ने पुरानी रंजिश में युवक की हत्या के मामले में पिता-पुत्र को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दस-दस वर्ष के कारावास और आठ-आठ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन ने 10 गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामला साबित किया।
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हत्या के अपराध में पिता-पुत्र को दस-दस साल का कारावास
विस्तार
पुरानी रंजिश के चलते युवक से मारपीट कर उसकी हत्या करने के मामले में पाटन न्यायालय ने पिता-पुत्र को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश पाटन स्वयं प्रकाश दुबे ने दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और आठ-आठ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के अनुसार, 26 मई 2025 की रात करीब 8:45 बजे पुरानी रंजिश को लेकर देवी प्रसाद चौधरी का महेश चौधरी से विवाद हो गया था। विवाद के दौरान महेश और उसके बेटे सोनू ने देवी प्रसाद के साथ मारपीट की। इसी दौरान सोनू ने लकड़ी के डंडे से देवी प्रसाद के सिर पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल देवी प्रसाद को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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मामले में पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत का कारण सिर में आई गंभीर चोट बताया गया है। आरोपियों द्वारा लाठी-डंडे से किए गए हमले से ही यह चोट आई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 10 गवाहों के बयान कराए। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर महेश चौधरी और उसके बेटे सोनू को दोषी माना। इसके बाद दोनों को 10-10 वर्ष के कारावास और आठ-आठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शैलेन्द्र परस्ते ने पैरवी की।
