मध्य प्रदेश: राज्यपाल का कार्यकाल पूरा, अब तक नियुक्ति नहीं; हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर फैसला सुरक्षित
मध्य प्रदेश में नए राज्यपाल की नियुक्ति की मांग वाली जनहित याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। याचिका में राज्यपाल मंगूभाई पटेल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद नई नियुक्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। फैसला सुरक्षित.
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प्रदेश में नए राज्यपाल की नियुक्ति की मांग को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद युगलपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखने के आदेश दिए।
जबलपुर निवासी जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. एमए खान व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि संविधान के अनुच्छेद 153 के तहत देश के प्रत्येक राज्य में राज्यपाल की नियुक्ति का प्रावधान है। अनुच्छेद 154 में राज्यपाल की शक्तियों और अनुच्छेद 155 में उनकी नियुक्ति का उल्लेख किया गया है। राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उनका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।
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याचिका में कहा गया है कि मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने 8 जुलाई 2021 को पदभार ग्रहण किया था। उनकी नियुक्ति पांच वर्ष के लिए की गई थी और उनका कार्यकाल 7 जुलाई 2026 को पूरा हो चुका है। इसके बावजूद प्रदेश में अब तक नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं की गई है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में ऐसी परिस्थितियों में संबंधित राज्य के मुख्य न्यायाधीश को कार्यवाहक राज्यपाल का प्रभार दिया गया था। याचिका में राष्ट्रपति के सचिव, केंद्रीय विधि मंत्रालय और राज्यपाल के सचिव को अनावेदक बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा और अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह ने पैरवी की। सुनवाई पूरी होने के बाद युगलपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
