Damoh News: अजबधाम में स्लेट बताती थी समस्याओं के हल, ब्रह्मलीन संत जै जै सरकार की तपोभूमि में वार्षिक महोत्सव
अजबधाम फतेहपुर में ब्रह्मलीन संत जै-जै सरकार की तपोभूमि पर वार्षिक महायज्ञ हो रहा है। संतों के दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। जै-जै सरकार ने मौन साधना के दौरान श्यामपट्ट स्लेट से समस्याओं का समाधान बताया था। उन्होंने सात ग्रंथों की रचना कर धार्मिक और ज्योतिषीय ज्ञान दिया।
विस्तार
दमोह जिले के बटियागढ़ तहसील के अजबधाम फतेहपुर में इस वर्ष भी ब्रह्मलीन संत जै-जै सरकार की तपोभूमि पर वार्षिक महायज्ञ का आयोजन हो रहा है, जहां श्रद्धालु संत महात्माओं के दर्शन कर रहे हैं। जै-जै सरकार की प्रसिद्ध श्यामपट्ट स्लेट 25 वर्षों तक लोगों की समस्याओं का समाधान बताती रही। मोन साधना के दौरान वह भक्तों की समस्याओं का समाधान स्लेट पर लिखकर देते थे। महंत पदवी ग्रहण करने के बाद सूर्योदय से सूर्यास्त तक मौन व्रत रखते हुए उन्होंने इसी स्लेट के माध्यम से समस्याओं का हल बताया, जिससे श्रद्धालु लाभान्वित होते थे।
जै-जै सरकार के ब्रह्मलीन होने के बाद से यह वार्षिक उत्सव छोटे सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें चार वेद, 18 पुराण, उपनिषद, शिव कथा और श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। एक मासीय महायज्ञ की ध्वनि से संपूर्ण क्षेत्र धर्ममय हो गया है। इस आयोजन में देशभर के प्रमुख संत-महात्माओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास जी महाराज और गोरेलाल कुंज वृंदावन के संत किशोरी दास जी महाराज भी उपस्थित हैं।
सात ग्रंथों के रचयिता थे जै-जै सरकार
स्थानीय निवासी अरविंद तिवारी ने बताया कि उनकी पहली पुस्तक ‘मनोरंजन खिचड़ी’ 1956 में प्रकाशित हुई, जो समूचे बुंदेलखंड में प्रसिद्ध है। अन्य रचनाओं में ‘भविष्य प्रदर्शन’, ‘जनमांग जातक’, ‘किसान ज्योति’, ‘कीर्तन संग्रह’, ‘सवैया संग्रह’ और ‘गीता सुमन वाटिका’ शामिल हैं। अजबधाम फतेहपुर में चल रहे इस महायज्ञ और धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है, जहां श्रद्धालु संतों के दर्शन और जै-जै सरकार की स्मृतियों में डूबे हुए हैं।

जै जै सरकार की तपोभूमि में पहुंचे संत महात्मा

जै जै सरकार की तपोभूमि में पहुंचे संत महात्मा
