फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Brahmalin Saint Jai Jai Sarkar used to write solutions of problems on slate

Damoh News: अजबधाम में स्लेट बताती थी समस्याओं के हल, ब्रह्मलीन संत जै जै सरकार की तपोभूमि में वार्षिक महोत्सव

Tue, 25 Feb 2025 10:21 AM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Tue, 25 Feb 2025 10:21 AM IST
सार

अजबधाम फतेहपुर में ब्रह्मलीन संत जै-जै सरकार की तपोभूमि पर वार्षिक महायज्ञ हो रहा है। संतों के दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं। जै-जै सरकार ने मौन साधना के दौरान श्यामपट्ट स्लेट से समस्याओं का समाधान बताया था। उन्होंने सात ग्रंथों की रचना कर धार्मिक और ज्योतिषीय ज्ञान दिया।

विज्ञापन
Brahmalin Saint Jai Jai Sarkar used to write solutions of problems on slate
जै जै सरकार की तपोभूमि में पहुंचे संत महात्मा

विस्तार

दमोह जिले के बटियागढ़ तहसील के अजबधाम फतेहपुर में इस वर्ष भी ब्रह्मलीन संत जै-जै सरकार की तपोभूमि पर वार्षिक महायज्ञ का आयोजन हो रहा है, जहां श्रद्धालु संत महात्माओं के दर्शन कर रहे हैं। जै-जै सरकार की प्रसिद्ध श्यामपट्ट स्लेट 25 वर्षों तक लोगों की समस्याओं का समाधान बताती रही। मोन साधना के दौरान वह भक्तों की समस्याओं का समाधान स्लेट पर लिखकर देते थे। महंत पदवी ग्रहण करने के बाद सूर्योदय से सूर्यास्त तक मौन व्रत रखते हुए उन्होंने इसी स्लेट के माध्यम से समस्याओं का हल बताया, जिससे श्रद्धालु लाभान्वित होते थे।

विज्ञापन

जै-जै सरकार के ब्रह्मलीन होने के बाद से यह वार्षिक उत्सव छोटे सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें चार वेद, 18 पुराण, उपनिषद, शिव कथा और श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। एक मासीय महायज्ञ की ध्वनि से संपूर्ण क्षेत्र धर्ममय हो गया है। इस आयोजन में देशभर के प्रमुख संत-महात्माओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास जी महाराज और गोरेलाल कुंज वृंदावन के संत किशोरी दास जी महाराज भी उपस्थित हैं।

विज्ञापन

सात ग्रंथों के रचयिता थे जै-जै सरकार

विज्ञापन
विज्ञापन
जै-जै सरकार मात्र सात वर्ष की आयु में अजबधाम फतेहपुर पहुंचे और बाल्यावस्था से ही तप और साधना में लीन हो गए। महंत पदवी ग्रहण करने के बाद उन्होंने न केवल मंदिर संचालन, पूजा और साधना की बल्कि ज्योतिष, भविष्यवक्ता, दार्शनिक और आरोग्य वैद के रूप में भी ख्याति पाई। उन्होंने मानव और मूक पशुओं की पीड़ा के सरल उपाय बताते हुए सात ग्रंथों की रचना की, जिनमें ग्रह योग, नक्षत्र, परिस्थिति और कई असाध्य रोगों के निदान शामिल हैं।

स्थानीय निवासी अरविंद तिवारी ने बताया कि उनकी पहली पुस्तक ‘मनोरंजन खिचड़ी’ 1956 में प्रकाशित हुई, जो समूचे बुंदेलखंड में प्रसिद्ध है। अन्य रचनाओं में ‘भविष्य प्रदर्शन’, ‘जनमांग जातक’, ‘किसान ज्योति’, ‘कीर्तन संग्रह’, ‘सवैया संग्रह’ और ‘गीता सुमन वाटिका’ शामिल हैं। अजबधाम फतेहपुर में चल रहे इस महायज्ञ और धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है, जहां श्रद्धालु संतों के दर्शन और जै-जै सरकार की स्मृतियों में डूबे हुए हैं।

 

जै जै सरकार की तपोभूमि में पहुंचे संत महात्मा

जै जै सरकार की तपोभूमि में पहुंचे संत महात्मा

 

जै जै सरकार की तपोभूमि में पहुंचे संत महात्मा

जै जै सरकार की तपोभूमि में पहुंचे संत महात्मा

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed