{"_id":"6904528222e4581fb807f6cb","slug":"rashtriya-ekta-diwas-2025-cm-said-if-we-follow-the-path-of-sardar-patel-no-one-will-be-able-to-look-at-ind-2025-10-31","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Rashtriya Ekta Diwas 2025: सीएम बोले-सरदार पटेल के मार्ग पर चलेंगे तो भारत को कोई बुरी नजर से नहीं देख सकेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rashtriya Ekta Diwas 2025: सीएम बोले-सरदार पटेल के मार्ग पर चलेंगे तो भारत को कोई बुरी नजर से नहीं देख सकेगा
Fri, 31 Oct 2025 11:42 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 31 Oct 2025 11:42 AM IST
सार
राष्ट्रीय एकता दिवस पर भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘रन फॉर यूनिटी’ को हरी झंडी दिखाकर सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन किया। उन्होंने कहा कि यदि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलें, तो दुनिया की कोई ताकत भारत की ओर बुरी नजर से नहीं देख सकेगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय एकता दिवस का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने भारत माता और सरदार पटेल के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “अगर हम सब सरदार पटेल के दिखाए मार्ग पर चलें, तो दुनिया की कोई ताकत भारत की ओर बुरी नजर से नहीं देख पाएगी।
भोपाल में रन फॉर यूनिटी का कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
देश की रियासतों को जोड़ा, प्रशासनिक ढांचे की नींव रखी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों की साजिश थी कि भारत को कई हिस्सों में बांट दिया जाए। उन्होंने 562 रियासतों को स्वतंत्र छोड़ने की योजना बनाई थी ताकि भारत हमेशा कमजोर बना रहे। लेकिन सरदार पटेल ने अपनी दूरदृष्टि और राजनीतिक कौशल से इन रियासतों को एक-एक कर भारत संघ में मिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने न केवल तत्कालीन भारत को एक सूत्र में पिरोया बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसी मजबूत प्रणाली की नींव रखी।
ये भी पढ़ें- भोपाल में गूंजा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ का स्वर: 70वें स्थापना दिवस के पूर्वरंग में निकलीं भव्य सांस्कृतिक यात्राएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों की साजिश थी कि भारत को कई हिस्सों में बांट दिया जाए। उन्होंने 562 रियासतों को स्वतंत्र छोड़ने की योजना बनाई थी ताकि भारत हमेशा कमजोर बना रहे। लेकिन सरदार पटेल ने अपनी दूरदृष्टि और राजनीतिक कौशल से इन रियासतों को एक-एक कर भारत संघ में मिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने न केवल तत्कालीन भारत को एक सूत्र में पिरोया बल्कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा जैसी मजबूत प्रणाली की नींव रखी।
ये भी पढ़ें- भोपाल में गूंजा ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ का स्वर: 70वें स्थापना दिवस के पूर्वरंग में निकलीं भव्य सांस्कृतिक यात्राएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
सोमनाथ मंदिर से स्वाभिमान का जागरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी नेतृत्व किया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य समाज के सहयोग से करवाया और राष्ट्र का आत्मसम्मान पुनर्जीवित किया। उन्होंने कहा कि आज जब राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, यह उसी भावना का प्रतीक है जिसे सरदार पटेल ने जीवित किया था।
ये भी पढ़ें- सांसद खेल महोत्सव-2025 का विदिशा में भव्य शुभारंभ: मांडविया बोले-खेल एक स्पिरिट, अनुशासन और एक जीवनशैली है
प्रधानमंत्री मोदी चल रहे हैं सरदार पटेल के पदचिह्नों पर
डॉ. यादव ने कहा कि आज के भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के विचारों पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि “पटेल जी ने कहा था कि देश के मसले देश के ही लोग सुलझाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी इसी मार्ग पर चल रहे हैं और किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राष्ट्र को समर्पित एक महान प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश की एकता और अखंडता का संदेश देती है।
ये भी पढ़ें- राष्ट्रीय एकता दिवस: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर ली एकता की शपथ, भोपाल में होगा ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन
एकता के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कह कि आइए हम सब मिलकर सरदार पटेल को स्मरण करें। उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही भारत की शक्ति और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी नेतृत्व किया। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य समाज के सहयोग से करवाया और राष्ट्र का आत्मसम्मान पुनर्जीवित किया। उन्होंने कहा कि आज जब राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, यह उसी भावना का प्रतीक है जिसे सरदार पटेल ने जीवित किया था।
ये भी पढ़ें- सांसद खेल महोत्सव-2025 का विदिशा में भव्य शुभारंभ: मांडविया बोले-खेल एक स्पिरिट, अनुशासन और एक जीवनशैली है
प्रधानमंत्री मोदी चल रहे हैं सरदार पटेल के पदचिह्नों पर
डॉ. यादव ने कहा कि आज के भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के विचारों पर अडिग हैं। उन्होंने कहा कि “पटेल जी ने कहा था कि देश के मसले देश के ही लोग सुलझाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी भी इसी मार्ग पर चल रहे हैं और किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ प्रधानमंत्री मोदी की ओर से राष्ट्र को समर्पित एक महान प्रेरणा है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश की एकता और अखंडता का संदेश देती है।
ये भी पढ़ें- राष्ट्रीय एकता दिवस: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर ली एकता की शपथ, भोपाल में होगा ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन
एकता के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कह कि आइए हम सब मिलकर सरदार पटेल को स्मरण करें। उनके दिखाए मार्ग पर चलना ही भारत की शक्ति और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।”
