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MP News: वन्यजीवों के पुर्नवास के लिए हुआ एमओयू, उज्जैन में होगी चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना

Thu, 28 Aug 2025 09:51 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 28 Aug 2025 09:51 PM IST
सार

मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति और ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर समिति के बीच वन्यजीवों के संरक्षण और देखभाल को लेकर एमओयू हुआ है। इस समझौते का उद्देश्य चिड़ियाघरों, रेस्क्यू सेंटर्स और सफारी में रखे गए जानवरों के पुनर्वास, स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाना है।

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MP News: MoU signed for rehabilitation of wildlife, zoo-cum-safari center to be established in Ujjain
सीएम डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में एमओयू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश टाइगर फाउंडेशन समिति और ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर समिति के बीच गुरुवार को एमओयू हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उपस्थित थे। इस एमओयू का उद्देश्य चिड़ियाघरों, रेस्क्यू सेंटर्स और सफारी में रखे गए वन्यजीवों के पुर्नवास, संरक्षण, पशु स्वास्थ्य और कल्याण में सहयोग करना उद्देश्य है। उज्जैन में प्रस्तावित चिड़ियाघर-सह-सफारी केंद्र की स्थापना के लिए तकनीकी सहायता सहित वन कर्मियों, पशु चिकित्सकों और हाथी महावतों के लिए विशेष क्षमता-निर्माण और कौशल उन्नयन के कार्यक्रम संचालित होंगे। साथ ही पशु चिकित्सा अस्पताल और नैदानिक प्रयोगशालाओं सहित उन्नत वन्यजीव स्वास्थ्य और बचाव बुनियादी ढांचे का सहयोगात्मक विकास भी किया जाएगा।
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एकीकृत डिजिटल चिडियाघर प्रबंधन सूचना प्रणाली होगी विकसित 
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में हुए इस एमओयू के अंतर्गत प्रदेश के चिड़ियाघर संस्थानों के लिए एकीकृत डिजिटल चिड़ियाघर प्रबंधन सूचना प्रणाली का डिजाइन और विकास किया जाएगा। संरक्षण योजना और साक्ष्य-आधारित वन्यजीव प्रबंधन के लिए, विशेष रूप से चिड़ियाघर के बाघों की आबादी के आणविक आनुवंशिक विश्लेषण के लिए ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की उन्नत प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
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दो साल के लिए होगा एमओयू 
वन्यजीवों को प्रभावित करने वाली बीमारियों की रोकथाम, निदान और उपचार के लिए भी संयुक्त अनुसंधान आरंभ होंगे। यह एमओयू दो साल की अवधि के लिए लागू रहेगा। समझौते के अनुक्रम में ग्रीन्स सेंटर तकनीकी प्रोटोकॉल, पशु चिकित्सा पद्धतियों और पशु कल्याण मानकों की समीक्षा कर, इस संबंध में सलाह राज्य शासन के वन विभाग को दे सकेगा। सीएम निवास स्थित समत्व भवन में हुए एमओयू हस्ताक्षर और आदान-प्रदान अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वी.एन. अंबाड़े, ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के डॉ. बृज किशोर गुप्ता, अनुपम जैन और संदीप दीक्षित उपस्थित रहे।

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