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MP News: खुले बोरवेल में बच्ची की मौत पर कड़ा एक्शन, सिंगरौली के सहायक यंत्री और कार्यपालन अधिकारी निलंबित
Tue, 30 Jul 2024 10:31 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 30 Jul 2024 10:31 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली में बोरवेल में बच्ची के गिरने से मौत मामले में सख्त एक्शन लिया है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली में बच्चे के खुले बोरवेल में गिरने से मौत की घटना पर दो लापरवाहा कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। उनको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सिंगरौली जिले की जनपद पंचायत चितरंगी के एक गांव में तीन वर्षीय बालिका के खुले बोरवेल में गिरने से दुखद निधन की घटना के बाद राज्य सरकार ने कठोर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली जिले के उपखंड देवसर के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक यंत्री एमएल पटेल और जनपद पंचायत चितरंगी के तत्काीलन मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरिशचंद्र द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई बोरवेल/नलकूप/ट्यूबवेल के सत्यापन में लापरवाही बरतने के कारण की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो और सभी खुले बोरवेल को सही तरीके से बंद करना सुनिश्चित किया जाए।
बता दें, सिंगरौली में यह हादसा तब हुआ जब तीन वर्षीय मासूम सौम्या खेलते हुए घर के पास बने 100 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरईएफ की टीम ने उसे बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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यह कार्रवाई बोरवेल/नलकूप/ट्यूबवेल के सत्यापन में लापरवाही बरतने के कारण की गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो और सभी खुले बोरवेल को सही तरीके से बंद करना सुनिश्चित किया जाए।
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बता दें, सिंगरौली में यह हादसा तब हुआ जब तीन वर्षीय मासूम सौम्या खेलते हुए घर के पास बने 100 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरईएफ की टीम ने उसे बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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