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MP News: बांधवगढ़ में 10 हाथियों की मौत, कोदो के फंगस की पहचान के लिए देश की 10 लैब में चल रही जांच

Thu, 07 Nov 2024 12:23 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Thu, 07 Nov 2024 12:23 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) में 10 हाथियों की मौत ने वन विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जांच में पाया गया है कि इन मौतों का कारण कोदो पर उगने वाला फंगल है।  देशभर की 10 प्रमुख प्रयोगशालाओं से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि फंगल संक्रमण की सटीक पहचान की जा सके और भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

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MP News: 10 elephants died in Bandhavgarh, investigation is going on in 10 labs of the country to identify Kod
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) में 10 हाथियों की मौत ने वन विभाग के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। जांच में पाया गया है कि इन मौतों का कारण कोदो की फसल पर लगने वाला फंगस है। देशभर की 10 प्रमुख प्रयोगशालाओं से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि फंगस संक्रमण की सटीक पहचान की जा सके और भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। 

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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 10 हाथियों की 72 घंटे में मौत के बाद वन विभाग सक्रिय हो गया है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि हाथियों ने बड़ी मात्रा में खराब कोदो खा लिया था, जिसमें साइक्लोपियाजानिक एसिड मौजूद था। यह एसिड सभी हाथियों में बड़ी मात्रा में मिला है। वहीं, खेतों की फसल में किसी कीटनाशक के इस्तेमाल के प्रमाण भी नहीं मिले है और किसानों ने भी इसके इस्तेमाल की बात से इंकार किया है।
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फंगस का नया रूप तो नहीं
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन संकेतों से साफ पता चलता है कि हाथियों की मौत फंगस के चलते हुई है। अब इस फंगस के प्रकार की पहचान करना जरूरी हो गया है ताकि भविष्य में ऐसा ना हो। इसके लिए देश की 10 लैब में जांच की जा रही है। इस रिपोर्ट का इंतजार जिन राज्यों में हाथियों की बड़ी संख्या है, उनको भी है। अधिकारियों का कहना है कि वेटरनरी साइंस के विशेषज्ञ इस फंगस की पहचान कर उसके वन्यजीव पर प्रभाव को समझने का प्रयास कर रहे हैं। वह यह भी पता लगा रहे हैं कि यह फंगस का कोई नया रूप तो नहीं है। 
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पांच हजार एकड़ में कोदो फसल
बता दें, उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली और पतौर रेंज में 10 हाथियों की मौत हुई थी। इसके बाद मृत हाथियों के विसरा सैंपल आईवीआरआई बरेली जांच के लिए भेजे गए थे। इस रिपोर्ट में सामने आया है कि हाथियों ने खराब कोदो के पौधे और अनाज खाया था, जिसमें साइक्लोपियाजानिक एसिड था। इस रिपोर्ट में आसपास के इलाके में सावधानी बरते के लिए भी कहा गया है। इस इलाके में पांच हजार एकड़ में कोदो की फसल लगी हुई है। 

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