{"_id":"67657ba61377dcd7c306e995","slug":"mp-ias-service-meet-cm-inaugurated-ias-service-meet-said-we-give-orders-you-implement-them-2024-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP IAS सर्विस मीट: सीएम ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ किया, बोले- हम आदेश देते हैं, अमलीजामा आप पहनाते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP IAS सर्विस मीट: सीएम ने आईएएस सर्विस मीट का शुभारंभ किया, बोले- हम आदेश देते हैं, अमलीजामा आप पहनाते हैं
Fri, 20 Dec 2024 10:02 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 20 Dec 2024 10:02 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम हैं। व्यक्तिगत स्तर पर की गई ऐसी पहल, सुख और संतोष प्रदान करती है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित सिविल सर्विस मीट-2024 का प्रशासन अकादमी में शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधताओं वाले देश की विश्व में विशिष्ट छवि बनाने में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज भारत की अलग पहचान बनी है और देश को आदर-सम्मान के साथ देखा जाता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा का स्वरूप अन्य सेवाओं से भिन्न है। कठोर परिश्रम के साथ-साथ ईश्वर प्रदत्त भाग्य से ही मनुष्य को भारतीय प्रशासनिक सेवा से जन सेवा का अवसर प्राप्त होता है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
दक्षता से लिए गए निर्णयों से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं
मुख्यमंत्री ने पौराणिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर प्रदत्त यश का सदुपयोग जनहित में करना ही श्रेष्ठतम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम हैं। व्यक्तिगत स्तर पर की गई ऐसी पहल, सुख और संतोष प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग आपको आदेश देते जो आसान है, लेकिन उसे अमलीजामा आप ही पहनाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था संचालन में विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के अलग-अलग दायित्व हैं। उनके निर्वहन की अपनी-अपनी विशेषज्ञता भी है। इन सभी संस्थाओं ने लोकतंत्र को बनाए रखने में अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि निर्णय लेना या एक विचार देना सरल है, लेकिन बड़े फलक पर उसका क्रियान्वयन चुनौती पूर्ण होता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की निर्णयों के क्रियान्वयन में दक्षता प्रशंसनीय है।
सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जनकल्याण में दें योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्य प्रदेश के निर्माण में सहायक होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के लंबे अनुभवों को साझा करने के लिए किसी संस्था की संरचना करने पर विचार होना चाहिए। इससे अलग-अलग क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ विचारों के आदान-प्रदान तथा सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जन कल्याण में अपना योगदान देने के लिए मंच उपलब्ध हो सकेगा। वैश्विक परिदृश्य में हो रही घटनाओं की दृष्टि से भारत का वर्तमान समय बहुत अनुकूल और सकारात्मक है। पड़ोसी देशों में हो रहे घटनाक्रम से इसका आंकलन किया जा सकता है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की व्यवस्थाएं विश्व में आदर्श प्रस्तुत कर रही हैं। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
सर्विस मीट, टीम भावना नवाचारों को जानने व सीखने में सहायक
एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिवार के मुखिया के रूप में सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता है। तीन दिवसीय सर्विस मीट से एसोसिएशन के सदस्यों में टीम भावना विकसित करने, नवाचारों को जानने और सीखने तथा बेहतर परिणाम देने के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर प्राप्त होता है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत, प्रशासन अकादमी के महानिदेशक जेएन कंसोटिया, एसोसिएशन के पदाधिकारी अनुपम राजन, विवेक अग्रवाल सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित थे।
विज्ञापन
दक्षता से लिए गए निर्णयों से ही अधिकारी इतिहास बनाते हैं
मुख्यमंत्री ने पौराणिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर प्रदत्त यश का सदुपयोग जनहित में करना ही श्रेष्ठतम है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्था में बदलने में सक्षम हैं। व्यक्तिगत स्तर पर की गई ऐसी पहल, सुख और संतोष प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग आपको आदेश देते जो आसान है, लेकिन उसे अमलीजामा आप ही पहनाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यवस्था संचालन में विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के अलग-अलग दायित्व हैं। उनके निर्वहन की अपनी-अपनी विशेषज्ञता भी है। इन सभी संस्थाओं ने लोकतंत्र को बनाए रखने में अपने-अपने स्तर पर योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि निर्णय लेना या एक विचार देना सरल है, लेकिन बड़े फलक पर उसका क्रियान्वयन चुनौती पूर्ण होता है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की निर्णयों के क्रियान्वयन में दक्षता प्रशंसनीय है।
विज्ञापन
सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जनकल्याण में दें योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिविल सर्विस मीट का विचार मंथन नए दौर के नए मध्य प्रदेश के निर्माण में सहायक होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के लंबे अनुभवों को साझा करने के लिए किसी संस्था की संरचना करने पर विचार होना चाहिए। इससे अलग-अलग क्षेत्र के व्यक्तियों के साथ विचारों के आदान-प्रदान तथा सेवाकाल के बाद भी देश की उन्नति और जन कल्याण में अपना योगदान देने के लिए मंच उपलब्ध हो सकेगा। वैश्विक परिदृश्य में हो रही घटनाओं की दृष्टि से भारत का वर्तमान समय बहुत अनुकूल और सकारात्मक है। पड़ोसी देशों में हो रहे घटनाक्रम से इसका आंकलन किया जा सकता है। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत की व्यवस्थाएं विश्व में आदर्श प्रस्तुत कर रही हैं। इसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का योगदान महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
सर्विस मीट, टीम भावना नवाचारों को जानने व सीखने में सहायक
एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिवार के मुखिया के रूप में सदैव मार्गदर्शन प्राप्त होता है। तीन दिवसीय सर्विस मीट से एसोसिएशन के सदस्यों में टीम भावना विकसित करने, नवाचारों को जानने और सीखने तथा बेहतर परिणाम देने के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर प्राप्त होता है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग जैन, जी-20 इंडिया के शेरपा तथा नीति आयोग के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ कांत, प्रशासन अकादमी के महानिदेशक जेएन कंसोटिया, एसोसिएशन के पदाधिकारी अनुपम राजन, विवेक अग्रवाल सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी उपस्थित थे।
