फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP: FIR against Raghuveer Meena over ST certificate, former MLA wife targets Scindia, warns of 2029

एमपी: ओबीसी और ST से नौकरी पाने पर रघुवीर मीना पर FIR, पूर्व MLA पत्नी ममता सिंधिया पर भड़कीं, दी बड़ी चेतावनी

Mon, 21 Sep 2026 08:09 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Mon, 21 Sep 2026 08:09 AM IST
सार

रघुवीर सिंह मीना पर जाति प्रमाणपत्र मामले में FIR के बाद पत्नी ममता मीना ने ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केस दर्ज कराने से वे डरने वाली नहीं हैं और 2029 में जनता जवाब देगी।

विज्ञापन
MP: FIR against Raghuveer Meena over ST certificate, former MLA wife targets Scindia, warns of 2029
पूर्व विधायक ममता मीना और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ दर्ज एफआईआर ने अब गुना की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। जाति प्रमाणपत्र को लेकर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद उनकी पत्नी और चांचौड़ा की पूर्व विधायक ममता मीना ने वीडियो जारी कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उनके परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। ममता मीना ने कहा कि उन पर और उनके परिवार पर चाहे कितने भी मामले दर्ज करा दिए जाएं, वे डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि दो-चार केस और करा दिए जाएं, तब भी वे अपनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगी। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  राहुल के कार्यक्रम में मिमिक्री पर सियासी संग्राम,BJP बोली-माफी मांगें; कांग्रेस ने कहा-विवाद खड़ा करना गलत
विज्ञापन


जाति प्रमाणपत्र से शुरू हुआ विवाद 
रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ कार्रवाई वर्ष 1984 में विदिशा से जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र को लेकर हुई शिकायत और जांच से जुड़ी है।  जानकारी के अनुसार, प्रमाणपत्र की वैधता को लेकर उच्च स्तरीय छानबीन समिति पहले ही निर्णय दे चुकी है। इसी मामले में पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: बोत्सवाना से आई CCB-2 को मिला ‘राधा’ नाम, गांधी सागर में अब दो नर और दो मादा; MP में 56 चीते

ममता बोलीं- डराने से नहीं रुकेंगे
एफआईआर के बाद जारी वीडियो में ममता मीना ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए सिंधिया पर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उनके परिवार को इस तरह की कार्रवाई से डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे इससे पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने अपने राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए रानी लक्ष्मीबाई का उदाहरण भी दिया और कहा कि वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगी। ममता मीना ने अपने बयान में सीधे 2029 के लोकसभा चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2029 दूर नहीं है और समय आने पर जनता जवाब देगी। उनके इस बयान के बाद रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब कानूनी मामले के साथ राजनीतिक विवाद का रूप भी लेता दिखाई दे रहा है।


ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: गांधी सागर में आज नई मादा चीता की एंट्री, कूनो में चार शावकों के जन्म से देश में कुनबा 56

गुना से ग्वालियर-चंबल तक मुद्दा ले जाने की बात
ममता मीना ने आगे ग्वालियर-चंबल और आसपास के क्षेत्रों में जाकर अपनी बात लोगों के बीच रखने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों और जनता पर राजनीतिक दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, सिंधिया पर लगाए गए राजनीतिक दबाव के आरोप ममता मीना के दावे हैं। एफआईआर और उससे जुड़ी जांच पुलिस की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। मामले में आगे जांच के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

दो नौकरी, दोनों में अलग-अलग जाति प्रमाण पत्र 
बता दें रघुवीर मीना ने शिक्षक बनने के लिए ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र लगाया था। रिकॉर्ड में भी वह ओबीसी वर्ग से हैं। इसके बाद पुलिस सेवा में डीएसपी की नौकरी के लिए उन्होंने एसटी का जाति प्रमाण पत्र लगाया। इस मामले में गुना के राघौगढ़ के हरिसिंह रघुवंशी ने शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद शासन की छानबीन समिति ने जांच की और दस्तावेजों का परीक्षण किया। इसमें जाति प्रमाण पत्र का अमान्य बताया गया। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई। 

एमपी में किस वर्ग में आती है मीना जाति 
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में मीनाा जाति को अनुसूचित जनजाति वर्ग का दर्जा नहीं था। मीना को विदिशा के सिरोंज सब डिविजन में 1976 की सूची में अनुसूचित जनजाति का मामना गया था। हालांकि बाद में मीना जाति को एसटी वर्ग से पूरे प्रदेश से ही हटा दिया गया। इस बीच कई लोगों ने अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र बनाकर उसका फायदा उठाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed