फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Gandhi Sagar Gets New Female Cheetah as India's Cheetah Count Rises to 56 After Four Cubs Born

मध्यप्रदेश: गांधी सागर में आज नई मादा चीता की एंट्री, कूनो में चार शावकों के जन्म से देश में कुनबा 56

Sun, 20 Sep 2026 09:33 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Sun, 20 Sep 2026 09:33 AM IST
सार

गांधी सागर अभयारण्य में रविवार को बोत्सवाना की मादा चीता CCB-2 को शिफ्ट किया जाएगा। सीएम मोहन यादव बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता CCB-2 को गांधी सागर के निर्धारित बाड़े में रिलीज करेंगे। इधर कूनो में KGP12 के चार शावकों को जन्म देने से भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है।

विज्ञापन
Gandhi Sagar Gets New Female Cheetah as India's Cheetah Count Rises to 56 After Four Cubs Born
भारत में चीता देखने कहां जाएं - फोटो : Instagram

विस्तार

मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के विस्तार के बीच रविवार को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में एक और मादा चीता को बसाया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव शाम करीब 3.30 से 4 बजे के बीच बोत्सवाना से लाई गई मादा चीता CCB-2 को गांधी सागर के निर्धारित बाड़े में रिलीज करेंगे। इसे कूनो राष्ट्रीय उद्यान से गांधी सागर ले जाया जाएगा। गांधी सागर में फिलहाल दो नर और एक मादा चीता मौजूद हैं। मौजूदा मादा चीता करीब एक वर्ष से यहां है, लेकिन अब तक उसके प्रजनन की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में दूसरी मादा चीता को गांधी सागर भेजे जाने से यहां चीतों के प्रजनन और आबादी बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  मध्यप्रदेश: राहुल गांधी के कार्यक्रम पर CM मोहन यादव का पलटवार, बोले- तथ्यों के बजाय सुनाई दी ‘झूठ की गूंज’
विज्ञापन


कूनो में चार शावकों की नई किलकारी
इसी बीच कूनो राष्ट्रीय उद्यान में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने 18 सितंबर को चार शावकों को जन्म दिया है। इससे भारत में जीवित चीतों की संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है। इनमें भारत में जन्मे चीतों की संख्या अब 36 हो गई है। चार नए शावकों के जन्म के बाद कूनो में चीतों की संख्या 53 हो गई है, जबकि गांधी सागर में तीन चीते हैं। इस तरह मध्यप्रदेश में प्रोजेक्ट चीता के तहत कुल 56 चीते मौजूद हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  राहुल के कार्यक्रम पर हेमंत खंडेलवाल का निशाना, बोले- युवाओं का भरोसा नहीं तो कार्यकर्ताओं का सहारा क्यों?

चार साल में पुनर्स्थापना से प्रजनन तक पहुंचा प्रोजेक्ट
भारत में प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के साथ हुई थी। फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए। इसके बाद फरवरी 2026 में बोत्सवाना से नौ चीतों को भारत लाया गया। इन अंतरराष्ट्रीय पुनर्स्थापना प्रयासों के साथ भारत में चीतों के प्रजनन से नई पीढ़ी भी तैयार हुई है। KGP12 द्वारा चार शावकों को जन्म देना इसी क्रम की नई कड़ी है। प्रोजेक्ट चीता अब केवल दूसरे देशों से चीते लाकर बसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में उनके प्रजनन और नई पीढ़ी के संरक्षण का चरण भी आगे बढ़ रहा है।

ये भी पढ़ें- बैगा बच्चों की बीमारी पर खुलासा: 64 सैंपल में 25 खसरा पॉजिटिव, 12 मरीजों में खसरा-मलेरिया दोनों; कई खामियां भी

एल्टन की सेहत पर पारदर्शिता की मांग
उधर, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने कूनो के चीता एल्टन के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि एल्टन कुछ दिन पहले गंभीर स्थिति में था। उन्होंने कूनो प्रबंधन से उसकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed