{"_id":"6530e2292b55b62f8a0b9755","slug":"mp-election-2023-bjp-congress-did-not-express-confidence-in-muslim-candidates-2023-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Election 2023: BJP-कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशियों पर नहीं जताया भरोसा, तीसरे मोर्चे ने साधने की तैयारी की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Election 2023: BJP-कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशियों पर नहीं जताया भरोसा, तीसरे मोर्चे ने साधने की तैयारी की
Thu, 19 Oct 2023 01:30 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 19 Oct 2023 01:30 PM IST
सार
MP Election 2023: प्रदेश के करीब 50 लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाताओं का करीब 70 से 72 प्रतिशत वोट इंदौर और उज्जैन संभाग में मौजूद है। इनमें इंदौर संभाग की इंदौर एक और इंदौर पांच, महू, राऊ, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर विधानसभा शामिल हैं।
विज्ञापन
MP Election 2023
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने पहली सूची जारी कर 144 प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया है, जबकि भाजपा की चार सूचियों में 136 नामों की घोषणा हो चुकी है। अब कुछ ही सीटों पर नाम का ऐलान बाकी रह गया है। भाजपा जहां अपनी परंपरा अनुसार किसी मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान देने के पक्ष में दिखाई नहीं दे रही है। वहीं कांग्रेस ने भी अब तक महज एक ही सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी पर भरोसा जा जताया है। आने वाली सूचियों में भी एक दो टिकट से ज्यादा नामों पर विचार फिलहाल नहीं किया जा रहा है। ऐसे में तीसरे विकल्प के रूप में मैदान पकड़ने उतरीं छोटी पार्टियों ने इस बिखरते वोट बैंक पर अपनी नजरें बनाकर रखी हैं। आम आदमी पार्टी ने शुरुआती सूचियों में ही कई मुस्लिम चेहरों को मौका दिया है।
मुस्लिम वोटों को अपना अधिकार मानती रही कांग्रेस के सुर अब कुछ बदले दिखाई देने लगे हैं। सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर आगे बढ़ रही पार्टी ने संगठन से लेकर सार्वजनिक मंच और पोस्टर बैनर से लेकर किसी बड़ी जिम्मेदारी से मुस्लिम नेताओं का लगभग बॉयकॉट कर दिया है। यही वजह है कि जहां 1950 तक प्रदेश में मुस्लिमों को 20 सीटों तक पर प्रतिनिधित्व मिला करता था, वह पिछले चुनाव आते-आते महज तीन सीटों पर सिमट गया है। ये सीटें भी मौजूदा प्रत्याशियों की अपनी मेहनत के दम पर तैयार किए गए जन समर्थन की बदौलत है। इधर भाजपा की नीतियों के मुताबिक मुस्लिम वोट बैंक कभी उसके टारगेट ग्रुप में नहीं रहा। अब तक के इतिहास में भाजपा ने महज गिनती के दो चार बार ही मुस्लिम टिकट दिए हैं। इनमें मरहूम आरिफ बेग, मरहूम हसनात सिद्दीकी, फातिमा रसूल जैसे नाम शामिल हैं।
तीसरे मोर्चे का गणित
प्रदेश में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी जैसे ही नाम मौजूद हैं। जबकि असद उद्दीन ओवैसी की पार्टी इस चुनाव में शामिल होगी या नहीं इसका फैसला अब तक नहीं हुआ है। छोटी पार्टियों का सीधा गणित वोटों के ध्रुवीकरण से किसी दूसरे दल को फायदा पहुंचाना है। साथ ही यह दल अपना वोट प्रतिशत बढ़ाकर अपनी राष्ट्रीय स्तर की छवि और मान्यता बरकरार रखने की भी इनकी मंशा है।
विज्ञापन
ये मुस्लिम वोट गणित
मध्यप्रदेश की आबादी 2023 की स्थिति में 8.77 करोड़ है। इसका 6.57 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जो लगभग 60 लाख है। करीब 50 लाख मतदाता हैं। मप्र में 230 विधानसभा में से करीब 45 विधानसभा ऐसी हैं, जहां 20 हजार से अधिक (करीब 10 प्रतिशत) मुस्लिम मतदाता हैं। 70 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां विधानसभा में 57 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, लेकिन सीट आरक्षित होने के बावजूद जीत हार में निर्णायक भूमिका में होते हैं। जैसे निमाड़ मालवा के आरक्षित क्षेत्र जहां 1000, 2000 से हार जीत होती है। यहां इस वर्ग ने कांग्रेस की जीत को हमेशा मजबूती प्रदान की है। मुस्लिम बहुल कही जाने वाली इन 33 सीटों पर कुल मुस्लिम वोट लगभग 15 लाख हैं, जो कुल वोटर का 1=2 प्रतिशत होते हुए भी सरकार बनाने या बिगाड़ने का काम करते हैं।
सबसे ज्यादा मुस्लिम वोट इंदौर और उज्जैन संभाग में
प्रदेश के करीब 50 लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाताओं का करीब 70 से 72 प्रतिशत वोट इंदौर और उज्जैन संभाग में मौजूद है। इनमें इंदौर संभाग की इंदौर एक और इंदौर पांच, महू, राऊ, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर विधानसभा शामिल हैं। इसी तरह उज्जैन संभाग के उज्जैन, मंदसौर, नीम, रतलाम, जावरा, शाजापुर, शुजालपुर, आगर मालवा आदि विधानसभा मुस्लिम बहुल सीटों में शामिल हैं।
- रिपोर्ट: खान आशु, भोपाल
विज्ञापन
मुस्लिम वोटों को अपना अधिकार मानती रही कांग्रेस के सुर अब कुछ बदले दिखाई देने लगे हैं। सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर आगे बढ़ रही पार्टी ने संगठन से लेकर सार्वजनिक मंच और पोस्टर बैनर से लेकर किसी बड़ी जिम्मेदारी से मुस्लिम नेताओं का लगभग बॉयकॉट कर दिया है। यही वजह है कि जहां 1950 तक प्रदेश में मुस्लिमों को 20 सीटों तक पर प्रतिनिधित्व मिला करता था, वह पिछले चुनाव आते-आते महज तीन सीटों पर सिमट गया है। ये सीटें भी मौजूदा प्रत्याशियों की अपनी मेहनत के दम पर तैयार किए गए जन समर्थन की बदौलत है। इधर भाजपा की नीतियों के मुताबिक मुस्लिम वोट बैंक कभी उसके टारगेट ग्रुप में नहीं रहा। अब तक के इतिहास में भाजपा ने महज गिनती के दो चार बार ही मुस्लिम टिकट दिए हैं। इनमें मरहूम आरिफ बेग, मरहूम हसनात सिद्दीकी, फातिमा रसूल जैसे नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
तीसरे मोर्चे का गणित
प्रदेश में आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी जैसे ही नाम मौजूद हैं। जबकि असद उद्दीन ओवैसी की पार्टी इस चुनाव में शामिल होगी या नहीं इसका फैसला अब तक नहीं हुआ है। छोटी पार्टियों का सीधा गणित वोटों के ध्रुवीकरण से किसी दूसरे दल को फायदा पहुंचाना है। साथ ही यह दल अपना वोट प्रतिशत बढ़ाकर अपनी राष्ट्रीय स्तर की छवि और मान्यता बरकरार रखने की भी इनकी मंशा है।
विज्ञापन
ये मुस्लिम वोट गणित
मध्यप्रदेश की आबादी 2023 की स्थिति में 8.77 करोड़ है। इसका 6.57 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जो लगभग 60 लाख है। करीब 50 लाख मतदाता हैं। मप्र में 230 विधानसभा में से करीब 45 विधानसभा ऐसी हैं, जहां 20 हजार से अधिक (करीब 10 प्रतिशत) मुस्लिम मतदाता हैं। 70 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां विधानसभा में 57 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, लेकिन सीट आरक्षित होने के बावजूद जीत हार में निर्णायक भूमिका में होते हैं। जैसे निमाड़ मालवा के आरक्षित क्षेत्र जहां 1000, 2000 से हार जीत होती है। यहां इस वर्ग ने कांग्रेस की जीत को हमेशा मजबूती प्रदान की है। मुस्लिम बहुल कही जाने वाली इन 33 सीटों पर कुल मुस्लिम वोट लगभग 15 लाख हैं, जो कुल वोटर का 1=2 प्रतिशत होते हुए भी सरकार बनाने या बिगाड़ने का काम करते हैं।
सबसे ज्यादा मुस्लिम वोट इंदौर और उज्जैन संभाग में
प्रदेश के करीब 50 लाख से ज्यादा मुस्लिम मतदाताओं का करीब 70 से 72 प्रतिशत वोट इंदौर और उज्जैन संभाग में मौजूद है। इनमें इंदौर संभाग की इंदौर एक और इंदौर पांच, महू, राऊ, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर विधानसभा शामिल हैं। इसी तरह उज्जैन संभाग के उज्जैन, मंदसौर, नीम, रतलाम, जावरा, शाजापुर, शुजालपुर, आगर मालवा आदि विधानसभा मुस्लिम बहुल सीटों में शामिल हैं।
- रिपोर्ट: खान आशु, भोपाल
