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मावे अधिवेशन में पहुंचे CM: कहा- MP में महिला उद्यमियों को मिलेगी विशेष सुविधा, नारी सम्मान कोष की स्थापना होगी
Fri, 25 Mar 2022 11:39 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:39 AM IST
सार
मावे अधिवेशन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए नए लाभकारी प्रावधान किए जाएंगे। इसके लिए प्रचलित योजनाओं में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।
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मावे सम्मेलन को संबोधित करते सीएम चौहान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मध्य प्रदेश महिला उद्यमी संगठन कॉन्फ्रेंस 'स्वीप 2022' का शुभारंभ किया। कॉन्फ्रेंस का आयोजन एमपी एसोसिएशन ऑफ वूमेन इंटरप्रेन्योर (मावे) के द्वारा किया गया। कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए नए लाभकारी प्रावधान किए जाएंगे। इसके लिए प्रचलित योजनाओं में जरूरी संशोधन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना प्रारंभ की जाएगी। भोपाल और इंदौर में महिला उद्यमियों के लिए अलग इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाया जाएगा। जिलों में एमएसएमई सेक्टर में प्रत्येक जिले में महिलाओं के लिए क्लस्टर आरक्षित करने की व्यवस्था की जाएगी। नई स्टार्टअप नीति में भी महिला उद्यमियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के प्रावधान रहेंगे। स्टार्ट योर बिजनेस इन थर्टी डेज के अंतर्गत महिला उद्यमियों को विशेष सुविधा, जबलपुर और अन्य स्थान पर मल्टी स्टोरीज फैक्ट्री कॉम्पलेक्स के निर्माण सहित मुख्यमंत्री नारी सम्मान कोष की स्थापना भी होगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं होगा, तब तक महिलाएं तेजी से प्रगति नहीं कर सकती हैं। मध्य प्रदेश महिला सशक्तिकरण की प्रयोग भूमि है। आज से करीब 15 -16 वर्ष पूर्व तक मध्य प्रदेश में लिंगानुपात चिंता का विषय था। सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं के प्रति भेदभाव देखा जाता था। 2001 में प्रति एक हजार पुरुषों के पीछे 901 महिलाएं थीं, जो आज बढ़ कर 956 हो गई हैं। भारत सरकार के अभिलेखों में इसका उल्लेख है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य यह है कि यह संख्या एक हजार पर एक हजार हो। बेटियां संख्या में समान हो जाएं। लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों को लखपति बनाने वाली योजना है। पढ़ने के लिए किताबें, स्कूल जाने के लिए साइकिल और कक्षा बारहवीं में प्रथम श्रेणी में आने पर बिटिया गांव की बेटी कहलाती है। सभी तरह की उच्च शिक्षा के लिए बेटियों का शिक्षा व्यय मध्य प्रदेश सरकार उठाएगी।
महिला स्वसहायता समूहों की ताकत
मध्य प्रदेश में निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पुलिस में महिलाओं का 30 प्रतिशत आरक्षण किया गया है। इंदौर ने पांच बार स्वच्छता के क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है, जिसका श्रेय इंदौर की महापौर रही मालनी गौड़ को भी है। राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक नहीं अनेक कदम उठाए हैं, ताकि हमारी बहनें तेजी से आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में महिलाओं ने अभूतपूर्व कार्य किया है। स्वसहायता समूहों के महासंघ को पोषण आहार सामग्री के सात संयंत्रों के संचालन का जिम्मा दिया गया है। ये महासंघ 800 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है। मध्य प्रदेश में 40 लाख स्व सहायता समूह की हमारी बहनें हैं और इनका कुल 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर है। मध्य प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों की सम्पत्ति नष्ट करने का कदम उठाया गया है। दुराचारी को फांसी का प्रावधान है।
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जीआयएस में आएं महिला उद्यमी
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिलाएं शक्ति का पुंज हैं, श्रद्धा हैं। वे अबला नहीं हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में पारंगत होती हैं । बड़ी संख्या में हमारी बहनें महिला उद्यमी बन सकें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं रहेगी। उन्हें उत्पाद की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रेनिंग, ट्रेडिंग, कॉउंसिलिंग संबंधी कार्यों में पूरा सहायोग दिया जाएगा। मध्य प्रदेश देश का दिल है। यहां भूमि की उपलब्धता है। पानी और बिजली है। निवेशक प्रोत्साहन नीतियां हैं। प्रशासन सहयोगी है। जो मध्य प्रदेश आता है यहीं का होकर रह जाता है। मुख्यमंत्री चौहान ने मावे के अधिवेशन में आईं महिला उद्यमियों को आगामी 4,5, और 6 नवम्बर को इंदौर में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त भारतीय महिलाओं का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया वूमेन का अर्थ
मुख्यमंत्री चौहान ने महिला उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि वूमेन का अर्थ डब्ल्यू अर्थात विल पावर (दृढ़ इच्छाशक्ति) ओ का अर्थ आर्गनाइज ( हमेशा व्यवस्थित) एम का अर्थ मास्टर अर्थात हर क्षेत्र में पारंगत ई का अर्थ इंटरप्रेन्योर (अपने बलबूते उद्यम स्थापित करने) और एन का अर्थ नोबल अर्थात ईमानदार और ममतामयी होने से है।
अधिवेशन में जिनेवा से आए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के डॉ. शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि महिला उद्यमियों का प्रोत्साहन आवश्यक है। मुख्यमंत्री चौहान के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश और भी अधिक उपलब्धियां अर्जित करेगा।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने कहा कि महिलाएं प्रबंधन की जानकार होती हैं। कम संसाधनों में वे परिवार के प्रबंधन के कार्य कर लेती हैं। महिला उद्यमियों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महिला सशक्तिकरण के पक्षधर हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा,पोषण, स्वास्थ्य आदि की चिंता कर योजनाओं को लागू किया है। शिक्षित महिला श्रेष्ठ उद्यमी बनने की संभावना रखती है। प्रदेश में निर्यात परिषद भी गठित की गई है। जिसका लाभ महिला उद्यमियों को प्राप्त होगा।
विभिन्न देशों की प्रतिनिधियों की भागीदारी
अधिवेशन में मावे की अध्यक्ष अर्चना भटनागर ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने गत 22 वर्ष की संगठन की यात्रा का विस्तार से ब्यौरा भी दिया। उपाध्यक्ष भवना मदान, सतरुपा, सदस्य सीमा स्वामी, श्वेता, हर्षिता, ऊषा चंदा के अलावा मालदीव की मरयम शकीला, यूएन की कांता सिंह, इजिप्ट की डा.ओम निया, नेपाल की नीरु खत्री, श्रीलंका की अयांथी,डा.सुलोचना आदि उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री चौहान ने आयोजन स्थल पर महिला उद्यमियों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों के स्टाल्स भी देखे। उन्होंने महिला उद्यमियों से बातचीत की और कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रस्तुत प्रेरक गीत “हम होंगे कामयाब” सुना और सराहना की।
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मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं होगा, तब तक महिलाएं तेजी से प्रगति नहीं कर सकती हैं। मध्य प्रदेश महिला सशक्तिकरण की प्रयोग भूमि है। आज से करीब 15 -16 वर्ष पूर्व तक मध्य प्रदेश में लिंगानुपात चिंता का विषय था। सामाजिक स्तर पर भी महिलाओं के प्रति भेदभाव देखा जाता था। 2001 में प्रति एक हजार पुरुषों के पीछे 901 महिलाएं थीं, जो आज बढ़ कर 956 हो गई हैं। भारत सरकार के अभिलेखों में इसका उल्लेख है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लक्ष्य यह है कि यह संख्या एक हजार पर एक हजार हो। बेटियां संख्या में समान हो जाएं। लाड़ली लक्ष्मी योजना बेटियों को लखपति बनाने वाली योजना है। पढ़ने के लिए किताबें, स्कूल जाने के लिए साइकिल और कक्षा बारहवीं में प्रथम श्रेणी में आने पर बिटिया गांव की बेटी कहलाती है। सभी तरह की उच्च शिक्षा के लिए बेटियों का शिक्षा व्यय मध्य प्रदेश सरकार उठाएगी।
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महिला स्वसहायता समूहों की ताकत
मध्य प्रदेश में निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का काम किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पुलिस में महिलाओं का 30 प्रतिशत आरक्षण किया गया है। इंदौर ने पांच बार स्वच्छता के क्षेत्र में कीर्तिमान बनाया है, जिसका श्रेय इंदौर की महापौर रही मालनी गौड़ को भी है। राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक नहीं अनेक कदम उठाए हैं, ताकि हमारी बहनें तेजी से आगे बढ़ सकें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना काल में महिलाओं ने अभूतपूर्व कार्य किया है। स्वसहायता समूहों के महासंघ को पोषण आहार सामग्री के सात संयंत्रों के संचालन का जिम्मा दिया गया है। ये महासंघ 800 करोड़ रुपये का कारोबार कर रहा है। मध्य प्रदेश में 40 लाख स्व सहायता समूह की हमारी बहनें हैं और इनका कुल 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का टर्नओवर है। मध्य प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों की सम्पत्ति नष्ट करने का कदम उठाया गया है। दुराचारी को फांसी का प्रावधान है।
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जीआयएस में आएं महिला उद्यमी
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिलाएं शक्ति का पुंज हैं, श्रद्धा हैं। वे अबला नहीं हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में पारंगत होती हैं । बड़ी संख्या में हमारी बहनें महिला उद्यमी बन सकें, इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन में कोई कमी नहीं रहेगी। उन्हें उत्पाद की ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रेनिंग, ट्रेडिंग, कॉउंसिलिंग संबंधी कार्यों में पूरा सहायोग दिया जाएगा। मध्य प्रदेश देश का दिल है। यहां भूमि की उपलब्धता है। पानी और बिजली है। निवेशक प्रोत्साहन नीतियां हैं। प्रशासन सहयोगी है। जो मध्य प्रदेश आता है यहीं का होकर रह जाता है। मुख्यमंत्री चौहान ने मावे के अधिवेशन में आईं महिला उद्यमियों को आगामी 4,5, और 6 नवम्बर को इंदौर में हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में ख्याति प्राप्त भारतीय महिलाओं का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया वूमेन का अर्थ
मुख्यमंत्री चौहान ने महिला उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि वूमेन का अर्थ डब्ल्यू अर्थात विल पावर (दृढ़ इच्छाशक्ति) ओ का अर्थ आर्गनाइज ( हमेशा व्यवस्थित) एम का अर्थ मास्टर अर्थात हर क्षेत्र में पारंगत ई का अर्थ इंटरप्रेन्योर (अपने बलबूते उद्यम स्थापित करने) और एन का अर्थ नोबल अर्थात ईमानदार और ममतामयी होने से है।
अधिवेशन में जिनेवा से आए वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के डॉ. शिशिर प्रियदर्शी ने कहा कि महिला उद्यमियों का प्रोत्साहन आवश्यक है। मुख्यमंत्री चौहान के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश और भी अधिक उपलब्धियां अर्जित करेगा।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा ने कहा कि महिलाएं प्रबंधन की जानकार होती हैं। कम संसाधनों में वे परिवार के प्रबंधन के कार्य कर लेती हैं। महिला उद्यमियों की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान महिला सशक्तिकरण के पक्षधर हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा,पोषण, स्वास्थ्य आदि की चिंता कर योजनाओं को लागू किया है। शिक्षित महिला श्रेष्ठ उद्यमी बनने की संभावना रखती है। प्रदेश में निर्यात परिषद भी गठित की गई है। जिसका लाभ महिला उद्यमियों को प्राप्त होगा।
विभिन्न देशों की प्रतिनिधियों की भागीदारी
अधिवेशन में मावे की अध्यक्ष अर्चना भटनागर ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने गत 22 वर्ष की संगठन की यात्रा का विस्तार से ब्यौरा भी दिया। उपाध्यक्ष भवना मदान, सतरुपा, सदस्य सीमा स्वामी, श्वेता, हर्षिता, ऊषा चंदा के अलावा मालदीव की मरयम शकीला, यूएन की कांता सिंह, इजिप्ट की डा.ओम निया, नेपाल की नीरु खत्री, श्रीलंका की अयांथी,डा.सुलोचना आदि उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री चौहान ने आयोजन स्थल पर महिला उद्यमियों द्वारा प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों के स्टाल्स भी देखे। उन्होंने महिला उद्यमियों से बातचीत की और कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से प्रस्तुत प्रेरक गीत “हम होंगे कामयाब” सुना और सराहना की।
