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Bhopal News: भोपाल में 27% ओबीसी आरक्षण को लेकर विधानसभा घेराव, रंगमहल चौराहे पर पुलिस ने रोका, वाटर कैनन चलाई
Mon, 20 Jul 2026 04:15 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Mon, 20 Jul 2026 04:15 PM IST
सार
27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने और 13 प्रतिशत आरक्षण पर लगे होल्ड को हटाने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन चलाकर कई लोगों को हिरासत में लिया।
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ओबीसी महासभा का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ओबीसी महासभा ने मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने और 13 प्रतिशत आरक्षण पर लगे होल्ड को हटाने की मांग को लेकर विधानसभा घेराव का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रंगमहल चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। बैरिकेड्स पार करने की कोशिश पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर मौके से हटाया।
रंगमहल चौराहे पर रोका मार्च
ओबीसी महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रंगमहल चौराहे पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर उन्हें तितर-बितर किया।
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27% आरक्षण और 13% होल्ड हटाने की मांग
महासभा के प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी, विश्वजीत रतौनिया और राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी वर्षों से नौकरी का इंतजार करते-करते ओवरएज हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर होती हैं, लेकिन नियुक्तियां केवल 14 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 13 प्रतिशत पदों पर लगा होल्ड तत्काल हटाकर 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ दिया जाए। धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि 2019 में तत्कालीन सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था, लेकिन बाद में इस पर रोक लग गई। अब न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सरकार 13 प्रतिशत होल्ड नहीं हटा रही है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई युवा ओवरएज हो चुके हैं और सरकार पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय कर रही है।
8 साल से चल रहा आंदोलन
महासभा का कहना है कि वह पिछले आठ वर्षों से इस मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। कई बार मुख्यमंत्री का घेराव, धरना-प्रदर्शन और सभाएं की गईं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून सुस्त, 39 जिलों में बारिश का संकट; महीने के आखिर में मेघों से राहत की उम्मीद
कांग्रेस नेताओं का मिला समर्थन
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने वीडियो जारी कर ओबीसी आरक्षण को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहां की कांग्रेस सरकार आएगी तो निश्चित तौर पर ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार समाज को जातियों में बांटना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ तत्काल देना चाहिए।
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रंगमहल चौराहे पर रोका मार्च
ओबीसी महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रंगमहल चौराहे पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर उन्हें तितर-बितर किया।
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27% आरक्षण और 13% होल्ड हटाने की मांग
महासभा के प्रदेश प्रभारी जीतू लोधी, विश्वजीत रतौनिया और राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एडवोकेट धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी वर्षों से नौकरी का इंतजार करते-करते ओवरएज हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाएं 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के आधार पर होती हैं, लेकिन नियुक्तियां केवल 14 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार दी जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 13 प्रतिशत पदों पर लगा होल्ड तत्काल हटाकर 27 प्रतिशत आरक्षण का पूरा लाभ दिया जाए। धर्मेंद्र कुशवाहा ने कहा कि 2019 में तत्कालीन सरकार ने 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया था, लेकिन बाद में इस पर रोक लग गई। अब न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद सरकार 13 प्रतिशत होल्ड नहीं हटा रही है, जिससे हजारों योग्य अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई युवा ओवरएज हो चुके हैं और सरकार पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय कर रही है।
8 साल से चल रहा आंदोलन
महासभा का कहना है कि वह पिछले आठ वर्षों से इस मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। कई बार मुख्यमंत्री का घेराव, धरना-प्रदर्शन और सभाएं की गईं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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कांग्रेस नेताओं का मिला समर्थन
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने वीडियो जारी कर ओबीसी आरक्षण को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहां की कांग्रेस सरकार आएगी तो निश्चित तौर पर ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार समाज को जातियों में बांटना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार को ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ तत्काल देना चाहिए।
