{"_id":"66aab88f946a894ab4031a84","slug":"zeeshans-network-is-spread-in-12-states-raebareli-news-c-101-1-slko1033-117656-2024-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: 12 राज्यों में फैला है जीशान का नेटवर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: 12 राज्यों में फैला है जीशान का नेटवर्क
Thu, 01 Aug 2024 03:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 01 Aug 2024 03:49 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली। सलोन में जन्म प्रमाणपत्रों के फर्जीवाड़े में नित नई जानकारी सामने आ रही है। जांच टीम के अनुसार सीएससी संचालक मो. जीशान का नेटवर्क देश के करीब 12 से अधिक राज्यों में फैला हुआ था। पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल से जुड़े लोगों के भी यहां से प्रमाणपत्र बनाए गए। अब तक की जांच में बिहार और झारखंड के सबसे ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मिले हैं। इतना ही नहीं, वीडीओ की आईडी, पासवर्ड का प्रयोग अन्य राज्यों में भी किए जाने की आशंका है।
सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, गढ़ी इस्लाम नगर, लहुरेपुर, सिरसिरा, गोपालपुर में 19,184 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पकड़ में आने के बाद जांच शुरू कराई गई है। पुलिस के साथ ही यूपी एटीएस भी दस्तावेज खंगाल रही है। अभी तक बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल, पंजाब समेत करीब 12 प्रदेशों के लोगों के प्रमाणपत्र मिले हैं। 24 अक्तूबर 2023 को नुरुद्दीनपुर गांव में एक दिन में एक हजार प्रमाणपत्र बना दिए गए।
विभागीय सूत्रों के अनुसार एक दिन में एक कंप्यूटर से अधिक से अधिक 100 प्रमाणपत्र ही बनाए जा सकते हैं। 500 से 1000 तक प्रमाणपत्र बनाने में कई जगहों पर आईडी व पासवर्ड का प्रयोग करना होगा। ऐसे में आशंका है कि जीशान ने मोटी रकम लेकर अन्य प्रदेशों के साथियों को वीडीओ की आईडी-पासवर्ड देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए होंगे।
विज्ञापन
जांच टीम को तीन दिन का और समय
फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच कर रही तीन सदस्यीय दल को तीन दिन का और समय दिया गया है। हालांकि दल ने पिछले सप्ताह की जांच पूरी कर ली थी, लेकिन परीक्षण में कई बिंदु और सामने आने के बाद दोबारा गांवों में पहुंचकर जांच के निर्देश दिए गए। जांच पूरी होने के बाद उच्चाधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक को फर्जीवाड़े की दी सूचना
सीएमओ ने जन्म प्रमाणपत्रों के पर्जीवाड़े की सूचना स्वास्थ्य महानिदेशक को दी है। इस संबंध में उन्होंने शासन को भी पत्र लिखकर जांच की जानकारी उपलब्ध कराई है।
आरोपियों के बैंक खाते के साथ ही चल-अचल संपत्ति की भी जांच
मुख्य आरोपी मो. जीशान, वीडीओ विजय यादव समेत चारों आरोपियों के बैंक खाते और उनकी चल-अचल संपत्तियों की भी जांच चल रही है। यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने 18 जुलाई को सलोन पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की थी। 19 जुलाई को चारों आरोपियों विजय यादव, मो. जीशान, नियाज और सुहेल खान को जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन
सलोन ब्लॉक के नुरुद्दीनपुर, गढ़ी इस्लाम नगर, लहुरेपुर, सिरसिरा, गोपालपुर में 19,184 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र पकड़ में आने के बाद जांच शुरू कराई गई है। पुलिस के साथ ही यूपी एटीएस भी दस्तावेज खंगाल रही है। अभी तक बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल, पंजाब समेत करीब 12 प्रदेशों के लोगों के प्रमाणपत्र मिले हैं। 24 अक्तूबर 2023 को नुरुद्दीनपुर गांव में एक दिन में एक हजार प्रमाणपत्र बना दिए गए।
विज्ञापन
विभागीय सूत्रों के अनुसार एक दिन में एक कंप्यूटर से अधिक से अधिक 100 प्रमाणपत्र ही बनाए जा सकते हैं। 500 से 1000 तक प्रमाणपत्र बनाने में कई जगहों पर आईडी व पासवर्ड का प्रयोग करना होगा। ऐसे में आशंका है कि जीशान ने मोटी रकम लेकर अन्य प्रदेशों के साथियों को वीडीओ की आईडी-पासवर्ड देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए होंगे।
विज्ञापन
जांच टीम को तीन दिन का और समय
फर्जी प्रमाणपत्रों की जांच कर रही तीन सदस्यीय दल को तीन दिन का और समय दिया गया है। हालांकि दल ने पिछले सप्ताह की जांच पूरी कर ली थी, लेकिन परीक्षण में कई बिंदु और सामने आने के बाद दोबारा गांवों में पहुंचकर जांच के निर्देश दिए गए। जांच पूरी होने के बाद उच्चाधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक को फर्जीवाड़े की दी सूचना
सीएमओ ने जन्म प्रमाणपत्रों के पर्जीवाड़े की सूचना स्वास्थ्य महानिदेशक को दी है। इस संबंध में उन्होंने शासन को भी पत्र लिखकर जांच की जानकारी उपलब्ध कराई है।
आरोपियों के बैंक खाते के साथ ही चल-अचल संपत्ति की भी जांच
मुख्य आरोपी मो. जीशान, वीडीओ विजय यादव समेत चारों आरोपियों के बैंक खाते और उनकी चल-अचल संपत्तियों की भी जांच चल रही है। यूपी एटीएस के आईजी नीलाब्जा चौधरी और लखनऊ रेंज के आईजी अमरेंद्र सेंगर ने 18 जुलाई को सलोन पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की थी। 19 जुलाई को चारों आरोपियों विजय यादव, मो. जीशान, नियाज और सुहेल खान को जेल भेज दिया गया था।