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योगी आदित्यनाथ: नहीं दे सकते गोमांस खाने की छूट, अब यूपी में आसान नहीं है गोकशी, बनाए सख्त कानून

Sat, 27 Apr 2024 08:52 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sat, 27 Apr 2024 08:52 PM IST
सार

Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में अब गोकशी करना मुमकिन नहीं है। इसके लिए सख्त कानून बनाए गए हैं। अब गोमांस खाने की छूट नहीं दी जा सकती। 

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Yogi Adityanath: Cannot give permission to eat beef, now cow slaughter is not easy in UP, make strict laws
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : संवाद

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों को खानपान की आजादी को लेकर कांग्रेस को निशाने पर रखा। उन्होंने कांग्रेस पर गोमांस खाने को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए पूछा है कि आखिर कांग्रेस मुस्लिमों को गोमांस खाने की छूट क्यों देना चाहती है ? वह शनिवार को अपने सरकारी आवास पर मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने गोमांस के मुद्दे पर इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।

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उन्होंने कहा कि इस देश का हिंदू गोमांस से परहेज करता है। गाय उसके लिए मां के समान है। इसके बावजूद कांग्रेस मुसलमानों को इसकी छूट देने का कुत्सित प्रयास कर रही है। उन्होंने 2020 में गोकशी पर अंकुश लगाने के लिए लागू किए गए कानून का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी में अब गोकशी आसान नहीं होगा। 2020 में लागू उप्र गोवध निवारण (संशोधन) अधिनियम 2020 में तमाम प्रावधानों को और सख्त कर दिया गया है। इसमें गोकशी के मामले में 10 साल की सजा और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। वहीं, गोवंश के अंगभंग पर सात साल की जेल और तीन लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है।
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बैलेट लूटने वाले ही ईवीएम पर उठा रहे सवाल
सीएम ने ईवीएम पर सवाल उठाने पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घेरा। कहा कि ये वही लोग हैं, जो बैलेट लूटने का काम करते थे। ये लोकसभा चुनाव में अपनी हार हार तय देख रहे हैं, इसलिए ठीकरा ईवीएम पर फोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से ईवीएम पर सवाल उठाने वाले लोगों को यह भी बताना चाहिए कि क्या हिमाचल और कर्नाटक में बैलेट पेपर से कांग्रेस की सरकार बनी थी। वर्ष 2004 में यूपीए की सरकार और वर्ष 2018 में राजस्थान, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की और दिल्ली व पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार क्या बैलेट पेपर से बनी थी ?
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कांग्रेस का न्याय पत्र, देश के लिए अन्याय पत्र
गोमांस के मुद्दे से जुड़े सवाल पर सीएम ने कहा कि पहले चरण के मतदान से पहले हमने विकास, सुरक्षा और गरीब कल्याण के मुद्दे को जनता के सामने रखा। इसी बीच कांग्रेस का घोषणा पत्र सामने आया। इसे देखकर यही कहा जा सकता है कि यह भले ही कांग्रेस का न्याय पत्र हो सकता है, मगर देश की एकता अखंडता व संप्रभुता के लिए अन्याय पत्र है। इसी घोषणापत्र में यह उल्लेख किया है कि अल्पसंख्यक समुदाय की रुचि के अनुसार खानपान की स्वतंत्रता दी जाएगी।


क्या तीन तलाक को दोबारा लागू करेगी कांग्रेस?
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों को उनके व्यक्तिगत कानून का अधिकार देने के वादे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या तीन तलाक जैसी कुप्रथा को वह दोबारा लागू करेगी? क्या कांग्रेस शरिया कानून लागू करके देश का तालीबानीकरण करना चाहती है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणापत्र देश के साथ धोखा है। जनता को अगले पांच चरणों के चुनाव के लिए इस घोषणापत्र को देखते हुए अपना निर्णय करना चाहिए। ये हमारी आस्था के साथ धोखा है, कोई इसे स्वीकार नहीं करेगा।

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