एक मां को खाना नहीं खिला सके चार रईस बेटे, कर लिया आत्मदाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच बेटे...। चार का अपना कारोबार...।, पर बूढ़ी मां को कौन खिलाए, इसको लेकर तीन दिन लड़ते रहे। आखिरकार भूख से तड़पती, बेटों की करतूत से आहत मां ने रविवार आधी रात में आत्मदाह कर लिया। यह शर्मनाक घटना है जिले के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव की।
नरायनपुर की अयोध्या देई (70) के विजय शंकर गुप्ता, बेचू, जोखू, दिनेश और रमेश पांच बेटे हैं। विजय, बेचू, जोखू और रमेश की अपनी दुकानें हैं। अपना-अपना घर है।
जबकि दिनेश मानसिक रूप से अस्वस्थ है। पर कारोबारी बेटों ने मां को दिनेश के हिस्से में दे दिया। एक खपरैल के जर्जर मकान में वह उसी के साथ रहती थी।
खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली
कारोबारी बेटे सिर्फ बारी-बारी से एक-एक महीने मां-भाई को दो जून की रोटी का बंदोबस्त कर देते। खाना खिलाने का टर्न जोखू का था। तीन दिन से उसने खाना ही नहीं भेजा। शनिवार को गांव वालों ने उसे धिक्कारा तो उसने दिनेश को झूठा कहकर मारा।
बुजुर्ग मां यह सब बर्दाश्त न कर सकी। दिनेश कहता है-मां रात में उससे लिपटकर खूब रोई, फिर सब सामान अंदर ले जाकर खुद को कमरे में बंद कर आग लगा ली।
जब तक गांव वाले पहुंचते उसकी मौत हो चुकी थी। थानाध्यक्ष अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि वृद्धा कैसे दरवाजा बंद कर आग की चपेट में आई, इसकी जांच की जा रही है।