{"_id":"66d0b0e2949fe3c8ee0367c9","slug":"wild-animals-and-unruly-elements-will-be-monitored-through-cctv-cameras-shravasti-news-c-104-1-srv1002-106471-2024-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: जंगली जानवरों व अराजक तत्वों की सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: जंगली जानवरों व अराजक तत्वों की सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी
Thu, 29 Aug 2024 11:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 29 Aug 2024 11:03 PM IST
विज्ञापन
श्रावस्ती। श्रावस्ती में भी राप्ती नदी के कछार व कई जंगल मौजूद हैं। जहां से जंगली जानवरों का खतरा रहता है। इसके साथ ही जिले के करीब 62 किलोमीटर खुली सीमा नेपाल से मिलती है। ऐसे में यहां पड़ोसी जिलों के घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए गांवों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके लिए बुधवार देर शाम डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
जिले का सिरसिया व जमुनहा विकास क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। वहीं सिरसिया क्षेत्र के गांव भिनगा व सोहेलवा सहित ककरदरी जंगल के मध्य स्थित है जबकि जमुनहा क्षेत्र के गांवों को राप्ती दो भागों में बांटती है। यह क्षेत्र भी ककरदरी व हरदत्त नगर गिरंट जंगल से सटा हुआ है। ऐसे में संभव है कि कोई भी आदमखोर तेंदुए व भेड़िया इन जंगलों के माध्यम से जिले के गांवों में प्रवेश कर सकता है।
वहीं जिले को दो भागों में बांटने वाली राप्ती के रास्ते खुली सीमा का लाभ लेकर राष्ट्र व समाज विरोधी तत्व जिले के गांवों में प्रवेश कर सकते हैं। जिनकी निगरानी के लिए ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिसमें ग्रामीणों का सहयोग लिया जाएगा। इन कैमरों की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से होगी।
विज्ञापन
ऐसे में डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी वाले स्थानों को चिन्हित करने तथा ग्राम पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ अनुभव सिंह, डीडीओ रामसमुझ व डीपीआरओ नंदलाल सहित सभी बीडीओ मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
जिले का सिरसिया व जमुनहा विकास क्षेत्र नेपाल सीमा से सटा हुआ है। वहीं सिरसिया क्षेत्र के गांव भिनगा व सोहेलवा सहित ककरदरी जंगल के मध्य स्थित है जबकि जमुनहा क्षेत्र के गांवों को राप्ती दो भागों में बांटती है। यह क्षेत्र भी ककरदरी व हरदत्त नगर गिरंट जंगल से सटा हुआ है। ऐसे में संभव है कि कोई भी आदमखोर तेंदुए व भेड़िया इन जंगलों के माध्यम से जिले के गांवों में प्रवेश कर सकता है।
विज्ञापन
वहीं जिले को दो भागों में बांटने वाली राप्ती के रास्ते खुली सीमा का लाभ लेकर राष्ट्र व समाज विरोधी तत्व जिले के गांवों में प्रवेश कर सकते हैं। जिनकी निगरानी के लिए ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। जिसमें ग्रामीणों का सहयोग लिया जाएगा। इन कैमरों की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से होगी।
विज्ञापन
ऐसे में डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी वाले स्थानों को चिन्हित करने तथा ग्राम पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ अनुभव सिंह, डीडीओ रामसमुझ व डीपीआरओ नंदलाल सहित सभी बीडीओ मौजूद रहे। संवाद