यूपी : स्वास्थ्य कर्मियों के आंदोलन से बढ़ी परेशानी, कामकाज छोड़ स्वास्थ्य महानिदेशालय, एनएचएम निदेशक का हुआ घेराव
प्रदेशभर में सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों के अलग- अलग संवर्ग हड़ताल पर रहे। लिपिक संवर्ग ने स्थानांतरण के मुद्दे पर स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव कर उग्र आंदोलन जारी करने का एलान किया।
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प्रदेशभर में सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों के अलग- अलग संवर्ग हड़ताल पर रहे। लिपिक संवर्ग ने स्थानांतरण के मुद्दे पर स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव कर उग्र आंदोलन जारी करने का एलान किया। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने एनएचएम निदेशक का घेराव कर कुछ मांगें मनवाने में कामयाब रहे। वहीं, एंबुलेंस कर्मियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। तीन स्तर पर हड़ताल होने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित रही। कार्यालय में होने वाला कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रहा। पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने भी अफसरों की क्लास ली। इसके बाद वरिष्ठ अफसर सक्रिय हुए। वार्ता का दौर चलता रहा। हालांकि अभी भी लिपिक संवर्ग की हड़ताल जारी है।
आज भी हड़ताल पर रहेंगे स्वास्थ्य कर्मी
स्थानांतरण निरस्त करने की मांग को लेकर छह दिन से हड़ताल पर चल रहे यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ने सोमवार को महानिदेशालय का घेराव किया। विभिन्न जिलों से राजधानी पहुंचे कर्मचारी नारेबाजी करते हुए परिसर में घुस गए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दोपहर बाद अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद के साथ कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई। इसमें कर्मचारियों ने मांग की कि सभी तबादले निरस्त किया जाए। अपर मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि महिलाओं के स्थानांतरण में बदलाव किया गया है। पांच सौ से अधिक दूर वाले कुछ केस पर विचार किया जा सकता है, लेकिन कर्मचारी इस पर तैयार नहीं हुए। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को सभी जिलों में धरना देने के बाद शाम को बैठक होगी। इसमें अगली रणनीति बनाई जाएगी।
खड़ी रहीं एंबुलेंस नहीं हुआ काम
एएलएस कर्मियों के समायोजन व अन्य मांगों को लेकर रविवार रात से शुरू हुई एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। इससे करीब 4700 एंबुलेंस में आधी से ज्यादा विभिन्न जिलों में खड़ी रहीं। 108 और 102 एंबुलेंस सेवा ठप होने से मरीज परेशान रहे। एंबुलेंस कर्मियों की मांग है कि नई कंपनी में जाने वाले एएलएस कर्मियों को पुरानी कंपनी के बराबर मानदेय दिया जाए। कोरोना काल में दम तोडने वाले कर्मचारियों को 50 लाख मुआवजा भी दिया जाए। मिशन निदेशक से एंबुलेंस कर्मियों की बातचीत हुई। इसमें कुछ मांगों पर सहमति बनी है । एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडे एवं संगठन मंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
मांगें पूरी होने पर खत्म हुई हड़ताल
उप्र. एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को एनएचएम निदेशक का घेराव किया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने संघ के प्रतिनिधि मंडल के साथ बातचीत हुई। संघ के अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह, महामंत्री डॉ इस्लाम मो. तव्वाब आदि के साथ हुई वार्ता में अपर मुख्य सचिव ने वेतन विसंगति दूर करने, म्यूचुअल स्थानांतरण और आउट सोर्सिंग के तहत कार्यरत कंप्युटर ऑपरेटर को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने का आश्वासन दिया। इस पर संघ ने हड़ताल खत्म करने का एलान किया।