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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Tax evasion of 2433 crores done in five years, a game of tax evasion in the name of bogus firm

यूपी : पांच साल में की गई 2433 करोड़  के टैक्स की चोरी, बोगस फर्म के नाम पर हुआ टैक्स चोरी का खेल

Tue, 03 May 2022 02:19 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 03 May 2022 02:19 PM IST
सार

वर्ष 2017-18 में 65.74 करोड़, वर्ष 2018-19 में 559.81 करोड़, वर्ष 2019-20 में 851.07 करोड़, 2020-21 में 487.61 करोड़ और वर्ष 2021-22 में 469.04 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई है। इस तरह इन पांच वित्तीय वर्षों में कुल 2433.27 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई है।

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UP: Tax evasion of 2433 crores done in five years, a game of tax evasion in the name of bogus firm
टैक्स - फोटो : pixabay

विस्तार

बोगस फर्मों द्वारा वास्तविक माल की आपूर्ति के बिना ही करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। वाणिज्यकर विभाग ने पिछले पांच वर्षों के दौरान 2433.27 करोड़ रुपये की यह टैक्स चोरी पकड़ी है। समीक्षा में यह मामला सामने आने पर आयुक्त वाणिज्यकर मिनिस्ती एस ने सोमवार को ऑनलाइन इंफोर्समेंट अलर्ट सिस्टम मॉड्यूल पर 15 मई तक टैक्स चोरी से संबंधित प्रकरणों को फीड करके जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद इनसे वसूली भी होगी।

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आयुक्त ने आदेश में कहा है कि जीएसटी मॉड्यूल से विशेष अनुसंधान इकाइयों की ओर से की गई जांच में अस्तित्वहीन फर्मों की गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसमें वर्ष 2017-18 में 65.74 करोड़, वर्ष 2018-19 में 559.81 करोड़, वर्ष 2019-20 में 851.07 करोड़, 2020-21 में 487.61 करोड़ और वर्ष 2021-22 में 469.04 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की गई है। इस तरह इन पांच वित्तीय वर्षों में कुल 2433.27 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई है।
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बता दें कि बोगस फर्मों द्वारा वास्तविक आपूर्ति के बिना जारी बिल पर प्रदेश के अंदर और बाहर आईटीसी का दावा किया जाता है। यह विधिक रूप से मान्य नहीं है। पंजीकृत व्यक्तियों ने माल या सेवा या दोनों की वास्तविक आपूर्ति के बिना आईटीसी का लाभ लिया है, इसलिए इस मामले की जांच जरूरी है। मौजूदा समय इंफोर्समेंट अलर्ट सिस्टम मॉड्यूल में इसका पूरा ब्योरा दर्ज नहीं है।

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