फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Surrender surrendered to seven crore for not getting contract to Mausare Bhai, opened front against CMO

यूपी : मौसेरे भाई को ठेका न दिला पाने पर सीएमओ ने सात करोड़ कर दिया सरेंडर, मातहतों ने खोला मोर्चा

Tue, 06 Apr 2021 11:17 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोंडा Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 06 Apr 2021 11:17 AM IST
विज्ञापन
UP: Surrender surrendered to seven crore for not getting contract to Mausare Bhai, opened front against CMO
online e tender
दवाओं की आपूर्ति से लेकर अपनाई जा रही टेंडर प्रक्रिया पहले से ही दागदार रही है। शासन स्तर से एसटीएफ की जांच चल रही है। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपने ही सीएमओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप गढ़े हैं। आरोप है कि सीएमओ ने अपने मौसेरे भाई को ठेका न दिला पाने पर सात करोड़ रुपए सरेंडर कर दिया और कई कार्य ऐसे किए जो अनियमितता की श्रेणी में है।
विज्ञापन


केंद्रीय औषधि भंडार के चीफ फार्मासिस्ट प्रभाशंकर द्विवेदी, सीएमओ कार्यालय के प्रधान सहायक रामचंद्र सोनी, कनिष्ठ सहायक शशि कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य ने सीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भ्रष्टाचार के कई आरोप मढ़े हैं। आरोप है कि सीएमओ उन लोगों पर गलत कार्य करने के लिए दबाव बनाते हैं।
विज्ञापन


आरोप है कि सीएमओ ने अपने मौसेरे भाई नीरज सिंह की फर्म मेसर्स याशिका इंटर प्राइजेज के लिए आर्डर बनवाने का दबाव बना रहे थे जिसे मना करने पर सीएमओ ने अपनी प्राइमरी आईडी व पासवर्ड अपने भाई को देकर आर्डर बनवा दिया। यह भी आरोप है कि सीएमओ ने चिकित्साधिकारी भंडार व अन्य कर्मियों से जेम पोर्टल के माध्यम से केवल 25 प्रतिशत खरीद तथा 75 प्रतिशत कोटेशन पर खरीद करने का दबाव बनाते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी आरोप है कि जेम पोर्टल के माध्यम से करीब चार करोड़ रुपए की सामग्री, उपकरण व दवाओं की आपूर्ति की गई लेकिन सीएमओ ने भुगतान न करके पूरा पैसा सरेंडर कर दिया। इतना ही नहीं सीएमओ पर यह भी आरोप है कि आशा बहुओं का मानदेय करीब तीन करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया गया और उसका बजट भी सरेंडर कर दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि जब गलत कार्य के लिए उन लोगों ने मना किया तो सीएमओ ने जेम पोर्टल पर गलत तरीके से बायर आईडी बना लिया और अपने चहेतों को लाभ पहुंचाया जा रहा हैै। कर्मचारियों ने महानिदेशक स्वास्थ्य, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य, जिलाधिकारी गोंडा से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।

बिना कमीशन के भुगतान के लिए किया मना
कर्मचारियों ने आरोप है खरीद कमेटी के अनुमोदन के उपरांत जेम पोर्टल के माध्यम से जो सामग्री खरीद की गई उसके भुगतान के लिए समय से बिल प्रस्तुत किया गया, लेकिन सीएमओ ने सभी फर्मों के लोगों को बुलाने व कमीशन तय होने पर भुगतान के लिए दबाव बनाया। 31 मार्च का समय बीत गया और बजट सरेंडर कर दिया गया।


समय से प्रस्तुत नहीं किया बिल, बदनाम करने की कोशिश
कर्मचारियों की लापरवाही से बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। समय से बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। इसलिए 31 मार्च को बजट सरेंडर करना पड़ा। उक्त कर्मचारी उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कोई रिश्तेदार यहां पर काम नहीं करता है। जानबूझ कर उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।
-डा अजय सिंह गौतम, सीएमओ गोंडा
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed