{"_id":"67f8afcd42d3c8ae9c0b0288","slug":"up-residents-and-traders-of-ansal-township-will-also-pay-house-tax-preparations-to-recover-rs-50-crore-2025-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: अंसल की संपत्तियों से अब वसूला जाएगा गृहकर, छह हजार संपत्तियों पर बन रहा भारी भरकम टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: अंसल की संपत्तियों से अब वसूला जाएगा गृहकर, छह हजार संपत्तियों पर बन रहा भारी भरकम टैक्स
Fri, 11 Apr 2025 11:52 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 11 Apr 2025 11:52 AM IST
सार
अंसल की छह हजार संपत्तियों से भारी भरकम टैक्स की वसूली की जाएगी। यह टैक्स आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों से वसूला जाएगा। गृहकर दिसंबर 2020 से लिया जाएगा।
विज्ञापन
सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुधवार को कैबिनेट से हाईटेक और इंटीग्रेटेड टाउनशिप से जुड़ी संसोधित नियमावली के पास होने के बाद अब शहीद पथ स्थित अंसल एपीआई टाउनशिप में रहने वालों के अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को भी गृहकर जमा करना होगा।
विज्ञापन
अंसल में मकान प्लाॅट की संख्या करीब छह हजार है। यहां करीब 10 बडे़ व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हैं। पिछले वित्तीय वर्षों में अंसल की आवासीय और व्यावसायिक सम्पत्तियों पर करीब 35 करोड़ रुपये और चालू वित्तीय वर्ष का करीब 15 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इस तरह यहां से करीब 50 करोड़ रुपये गृहकर मिलेगा। पैसा लेकर आवंटियों को मकान-प्लाॅट न देने बाली बिल्डर कंपनी अंसल प्राॅपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर एनसीएलटी ने दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई की है।
विज्ञापन
यह भी पढ़े- UP: बाल स्वास्थ्य में लखनऊ सहित 20 जिले अति पिछड़ें, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की रिपोर्ट में खुली पोल
विज्ञापन
यह भी पढ़े- UP: नोएडा के बाद लखनऊ-कानपुर तकनीक के उभरते केंद्र, आईटी-आईटीईएस सेक्टर में यूपी ने की बड़ी तरक्की
शासन और सरकार की सख्ती के बाद अब अंसल की टाउनशिप में रहने वालों को गृहकर जमा करना होगा। अभी तक अंसल कंपनी की ओर से यह कहकर विरोध किया जा रहा था कि हाईटेक नीति के तहत उसे गृहकर से छूट है, क्योंकि काॅलोनी अभी पूरी नहीं और नगर निगम को हैंडओवर नहीं है।
कैबिनेट ने ये प्रस्ताव किया है पास
बुधवार को कैबिनेट ने यह प्रस्ताव पास कर दिया है कि जो हाईटेक और इंटीग्रेटेड टाउनशिप हैंडओवर नहीं हैं, उनमें भी गृहकर और जलकर वसूला जा सकेगा, क्योंकि कई टाउनशिप ने समय से विकास कार्य पूरे नहीं किए हैं।
गृहकर के लिए यह है कि नियम
नगर निगम अधिनियम की भाषा 177 ज के तहत सीमा विस्तार के बाद जिन इलाकों में पानी, मार्ग प्रकाश और सड़क की सुविधा है, वहां पर शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल गृहकर वसूला जा सकता है। जिन नए इलाकों में ये सुविधाएं नहीं हैं, वहां पर सीमा विस्तार के पांच साल बाद ही गृहकर लगाया जा सकता है। 2019 में नगर निगम के सीमा विस्तार में अंसल एपीआई टाउनशिप भी दायरे में आ गई है। इसके बाद भी अंसल गृहकर जमा नहीं कर रहा था। यह विवाद मंडलायुक्त से लेकर शासन तक गया, मगर दबाव में मामला दब गया।
पांच साल की मियाद पूरी, कॉलोनी अब तक अधूरी
अंसल एपीआई को सुशांत गोल्फ सिटी टाउनशिप विकसित करने का लाइसेंस 2005 में दिया गया था। उसे पांच साल में टाउनशिप विकसित करके निकाय को हैंडओवर करना था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 2023 में संशोधित लेआउट पास करते हुए अंसल को पांच अप्रैल 2028 तक का समय दिया गया है। इसी की आड़ लेकर अंसल हाउस टैक्स जमा नहीं कर रही थी।
दिसंबर 2020 से लिया जाएगा गृहकर
नगर निगम के जोनल अफसर अजीत राय ने बताया कि विस्तारित इलाकों में दिसंबर 2020 से गृहकर वसूल किए जाने का नियम बनाया गया है। अंसल में करीब छह हजार मकान-फ्लैट हैं। इनके अलावा लुलु मॉल, सेंट्रल होटल, डैमसन होटल, कंफर्ट इन होटल आदि बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। इन पर कई करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। सभी पर करीब 35 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। अंसल में आने वाला एक मात्र मेदांता अस्पताल ही है, जो टैक्स जमा कर रहा है।